राष्ट्रीय बालिका दिवस पर नारी शशक्तिकरण पर परिचर्चा
राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार के सार्वभौमिक मानकों के स्थानीय उपयोग पर एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय माडल इंटरकालेज जाफरगंज में हुआ। जहां जाफरगंज व आसपास के विभिन्न गांवों से लोगों ने भागीदारी किया और हर बेटी को सशक्त बनाने एवं एक मजबूत भारत का निर्माण करने का संकल्प लिया गया।
लीगल एक्टिविस्ट मनोज कुमार ने बताया कि भारत में लड़कियों के अधिकारों, कल्याण और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ही यह दिवस मनाया जाता है। लिंग के आधार पर भेदभाव एक बड़ी समस्या है जिसका सामना महिलाएं अपने जीवन भर करती हैं। हर साल 24 जनवरी को भारत राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाता है ताकि बालिका के अधिकारों और उसकी शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण की आवश्यकता के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के अधिकारों की अवधारणाओं से जुड़े सामान्य मुद्दों में शारीरिक अखंडता और स्वायत्तता का अधिकार, यौन हिंसा से मुक्त होने का अधिकार, मतदान करने का अधिकार, सार्वजनिक पद धारण करने का अधिकार, कानूनी अनुबंधों में प्रवेश करने का अधिकार, पारिवारिक कानून में समान अधिकार, काम करने का अधिकार, उचित मजदूरी या समान वेतन का अधिकार शामिल हैं जो सभी महिलाओं को मिलना चाहिए।
परिचर्चा में कम्युनिटी मोबलाइजर गुलशन कुमार ने सुकन्या समृद्धि योजना कन्या सुमंगला योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के साथ मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के बारे में बताया। निरकला व अनुपम ने प्रेरणादायक गीतों का गायन किया। परिचर्चा के सत्रों का संचालन धीरेन्द्र व छोटेलाल ने किया। परिचर्चा को सफल बनाने में चांदनी गीतिका शिवानी नित्या सिंह पूजा सिंह रामतीरथ कनौजिया आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
