बिगड़े ऑपरेशन से खराब पांव को सुधार कर किया कमाल
ऑर्थो सर्जन डा.आकाश खैरा ने बचाया युवक का पांव
ललितपुर। एक युवक के दायें पैर की हड्डी का ऑपरेशन झांसी मेडिकल कॉलेज में हुआ था, परन्तु उसके पैर से इतना मवाद आने लगा कि उसका चलना फिरना जीना मुश्किल हो गया। उस मरीज का इलाज करने से मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने मना कर दिया। कई जगह से निराश मरीज को आखिर डा.आकाश खैरा ने दोबारा पैर ठीक कर नयी जिंदगी दी है। 20 साल के तालबेहट के धीरेन्द्र सेन पुत्र विनोद सेन के पैर में फैक्चर हुआ था जिसका ऑपरेशन कई महीने पहले झांसी मेडिकल कॉलेज में किया गया था। परन्तु वह चलने फिरने लायक नहीं हो सका। मरीज के पैर से भारी मात्रा में मवाद निकलने लगा उसकी हालत खराब होती गयी।
जिससे संक्रमण रोका जा सके। बाद में हड्डी का संक्रमण दूर हो जाने पर रॉड को स्टील रॉड में बदलकर मरीज को चलने फिरने लायक बनाना था। तीन माह के अंतराल में डा.खैरा ने यह दोनों सफल ऑपरेशन कर ललितपुर के अस्थि रोग चिकित्सा जगत में नयी मिसाल कायम कर दी। इस दौरान मरीज के पैर से भारी मात्रा में मवाद को निकाल कर विसंक्रमित किया गया। अब मरीज खुश है और पूरी तरह ठीक हो गया है। वह डा.खैरा को साधुवाद दे रहा है। इस ऑपरेशन के दौरान निश्चेतना विशेषज्ञ डा.खेमचंद्र वर्मा, ओमकरन सिंह गौर, पवन प्रजापति, रोहित राजपूत, जयदेव श्रीवास, सुषमा सेन, वर्षा यादव, वृगभान सिंह कुशवाहा आदि का सहयोग रहा।
इनका कहना है
पहले तो मैंने बेटे के ठीक होने की उम्मीद ही छोड़ दी थी, पर डा.आकाश खैरा के इलाज से मेरा बेटा अब पूरी तरह सामान्य तरीके से चलने लगा है। यह इलाज हमारे परिवार में अत्यंत खुशियां लेकर आया है।
विनोद कुमार सेन, मरीज के पिता, निवासी तालबेहट।


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