बाजार शुक्ल पुलिस द्वारा हत्या का खुलासा

 नामजद शातिर हिस्ट्रीशीटर सहित 03 अभियुक्त गिरफ्तार  

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शुकुल बाजार अमेठी। दिनांक 07.01.2026 को थाना बाजार शुक्ल जनपद अमेठी अन्तर्गत गोमती नदी में रमेश पुत्र मातादीन निवासी पूरे मल्लाहन मजरे खेममऊ थाना बाजार शुक्ल जनपद अमेठी का शव मिला था । मृतक की पत्नी द्वारा थाना बाजार शुक्लपरतहरीर देकरमु0अ0सं0 03/26 धारा 103(1), 238बीएनएस बनाम जंगबहादुर उर्फ जंगू पुत्र राम नरेश निवासी पूरे मल्लाहन मजरे खेममऊ थाना बाजार शुक्ल जनपद अमेठी व अन्य व्यक्ति नाम पता अज्ञात पंजीकृत कराया गया था । घटना के शीघ्र अनावरण व अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक अमेठी द्वारा संबंधित को आवश्यक आदेश/निर्देश दिये गये थे ।
 
पुलिस अधीक्षक अमेठी  अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में एवं अपर पुलिस अधीक्षक अमेठी  ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में जनपद अमेठी में अपराध एवं अपराधियों की धरपकड़ हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में क्षेत्राधिकारी मुसाफिरखाना अतुल कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में उपनिरीक्षक विवेक वर्मा थानाध्यक्ष बाजार शुक्ल मय हमराह द्वारा मुखबिर की सूचना पर थाना बाजार शुक्ल जनपद अमेठी में वांछित व प्रकाश में आये 03 अभियुक्त जंगबहादुर उर्फ जंगू पुत्र राम नरेश निवासी पूरे मल्लाहन मजरे खेममऊ थाना बाजार शुक्ल जनपद अमेठी उम्र करीब 50 वर्ष, सुग्रीव पुत्र राम समुझ उम्र करीब 42 वर्ष, दीपक पुत्र सतगुरू उम्र करीब 27 वर्ष निवासीगण फजलपुर थाना कुमारगंज जनपद अयोध्या को गिरफ्तार किया गया ।
 
अभियुक्त जंगबहादुर उर्फ जंगू एक शातिर हिस्ट्रीशीटर अपराधी है जिसके विरुद्ध जनपद अमेठी, बाराबंकी, सुलतानपुर व जौनपुर में हत्या के प्रयास, डकैती, चोरी, आर्म्स एक्ट आदि विभिन्न धाराओं में पूर्व में 12 अभियोग पंजीकृत हैं ।थाना बाजार शुक्ल पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्यवाही की गई । पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि दिनांक 06.01.2026 को वह लोग ग्राम पूरे मल्लाहन मजरे खेममऊ में नौटंकी कार्यक्रम देखने गये थे ।वहीं तीनों लोग मिलकर रमेश से पूर्व में हुए विवाद का बदला लेने की योजना बनाई थी । योजना के अनुसार दीपक द्वारा गांव से दूर नदी के किनारे ले जाकर रमेश को शराब पिलाई जा रही थी तभी पीछे से जंगबहादुर व सुग्रीव पहुंचकर रमेश के सिर पर शराब की बोतल से मार दिये, जिससे मौके पर ही रमेश की मृत्यु हो गयी । उसके बाद वह लोग रमेश के शव को गोमती नदी में फेंककर भाग गये थे ।

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