डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने मनाई सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती
उनके जीवन के दृढ़ संकल्प ,समानता और सामाजिक न्याय के उदाहरण ।
अजित सिंह/राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र के सभागार में वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले जी का 195वी जयंती मनाई गयी । जिसके क्रम में अध्यक्ष जगजीवन सिंह एडवोकेट ने कहा कि भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती है।उन्होंने उस दौर में लड़कियों की शिक्षा की नींव रखी जब समाज इसका घोर विरोध करता था, उन्हें लोगों द्वारा पत्थर मारे गए, उनका अपमान और उनके साथ भेदभाव किया गया, लेकिन उन्होंने शिक्षा को हथियार बनाकर महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक शुरुआत की थी ।

इसी क्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश यादव एडवोकेट ने कहा कि सावित्रीबाई फुले एक बहादुर समाज सुधारक थीं। उन्होंने ऐसे समय में महिलाओं की शिक्षा के लिए लड़कर भारतीय इतिहास का रुख बदला, जब लड़कियों को पढ़ने का अधिकार नहीं था। उनका संघर्ष केवल शिक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि समानता और मानवता के लिए भी था। यही वजह थी कई बार समाज के लोगों ने उनका अपमान किया, पत्थर फेंके लेकिन वह रुकी नहीं उन्होंने अपना मिशन जारी रखा।
लड़कियों और हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए स्कूल खोले। 3 जनवरी को सावित्रीबाई फुले की जयंती है। इस अवसर पर समझें कैसे उनका जीवन दृढ़ संकल्प, समानता और सामाजिक न्याय का उदाहरण है जो हर किसी को प्रेरित करता है।कार्यक्रम का संचालन महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य एडवोकेट ने किया। इस अवसर पर राजेश कुमार यादव, राजेश मौर्य, विजय बहादुर सिंह, सुरेश कुशवाहा, अशोक जालान, कामता यादव, टीटू गुप्ता, शांति वर्मा आकृति निर्भया,सरस्वती, पूजा सिंह, बिंदु, शैलेन्द्र कुमार, राजकुमार पटेल,नवीन पाण्डेय,मो याक़ूब, यजमी बेगम आदि लोग अधिवक्तागण उपस्थित रहे ।


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