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मानवता की प्रतिमूर्ति बनी टीम निशा सिंह, रेणुकूट में सेवा का संकल्प
नि:स्वार्थ भाव से की गई सेवा ही सबसे बड़ा धर्म - समाजसेवी निशा सिंह / बबलू सिंह टीम
अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट)
रेनुकूट/सोनभद्र-
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चादर में लिपटे सोनभद्र जिले में जहाँ आम जनजीवन ठिठुर रहा है, वहीं टीम निशा सिंह के सेवाभावी हाथ गरीबों और असहायों के लिए गर्मी और उम्मीद लेकर आए हैं। रेणुकूट और आसपास के क्षेत्रों में टीम के युवा सदस्य अभय सिंह की अगुवाई में सेवा का जो अभियान चल रहा है, वह आज जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रचंड शीतलहर के बीच अभय सिंह स्वयं दुर्गम बस्तियों और सड़कों के किनारे रहने वाले जरूरतमंदों के बीच पहुँच रहे हैं। केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि घर-घर जाकर कंबल वितरित करना और बुजुर्गों व विकलांगों का हाल जानना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों के अभाव में किसी भी व्यक्ति को ठंड की मार न झेलनी पड़े।
टीम निशा सिंह की सक्रियता केवल कंबल वितरण तक सीमित नहीं है। रेणुकूट क्षेत्र की सड़कों पर होने वाली किसी भी दुर्घटना की सूचना मिलते ही टीम के सदस्य फर्स्ट रिस्पॉन्डर बनकर मौके पर पहुँचते हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाकर उनकी जान बचाना टीम की पहली प्राथमिकता होती है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे निर्धन मरीजों और असहाय परिवारों के लिए यह टीम एक मजबूत आर्थिक और नैतिक स्तंभ साबित हो रही है।
समाजसेवी निशा सिंह और बबलू की इस टीम ने यह साबित कर दिया है कि नि:स्वार्थ भाव से की गई सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आज के दौर में जब लोग अपनों से मुख मोड़ लेते हैं, तब अभय सिंह और उनकी टीम अजनबियों की मदद के लिए ढाल बनकर खड़ी रहती है। हमारा प्रयास केवल कंबल बांटना नहीं, बल्कि यह संदेश देना है कि समाज का हर सक्षम व्यक्ति अगर एक गरीब का हाथ थाम ले, तो कोई भी बेसहारा नहीं रहेगा।
टीम निशा सिंह चाहे वह किसी गरीब कन्या का विवाह हो, बीमार का इलाज हो या विकलांगों को सहायता प्रदान करना, टीम निशा सिंह निरंतर समर्पण भाव से जुटी है। रेणुकूट सहित अन्य दूर-दराज के इलाकों में भी इस टीम के सेवा कार्यों की जमकर सराहना हो रही है। वास्तव में, इस टीम का प्रत्येक सदस्य मानवता की रक्षा के लिए एक योद्धा की तरह कार्य कर रहा है।

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