IAS Success Story: छोटे गांव से IAS अफसर तक का सफर, सुलोचना मीणा ने पहले प्रयास में यूपीएससी एग्जाम किया क्रैक

IAS Success Story: छोटे गांव से IAS अफसर तक का सफर, सुलोचना मीणा ने पहले प्रयास में यूपीएससी एग्जाम किया क्रैक

IAS Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती हैहर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही लोगों को मिल पाती है। ऐसे में राजस्थान के एक छोटे से गांव से निकलकर बिना कोचिंग, सिर्फ सेल्फ स्टडी के दम पर पहले ही प्रयास में IAS बनने वाली सुलोचना मीणा की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है।

राजस्थान के छोटे गांव से निकलीं IAS सुलोचना मीणा

IAS सुलोचना मीणा मूल रूप से राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के छोटे से गांव अडालवाड़ा की रहने वाली हैं। जिस गांव से वह आती हैं, वहां लड़कियों की पढ़ाई को 10वीं12वीं तक ही पर्याप्त माना जाता था। इसके आगे की शिक्षा को असामान्य समझा जाता था। ऐसी रूढ़िवादी सोच के बावजूद सुलोचना ने बचपन से ही IAS अधिकारी बनने का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की।

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साधारण परिवार, लेकिन शिक्षा को मिली प्राथमिकता

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सुलोचना एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके माता-पिता खेती और छोटे-मोटे काम से परिवार का गुजारा करते थे, लेकिन उन्होंने हमेशा बच्चों की पढ़ाई को सबसे ऊपर रखा। सुलोचना पढ़ाई में शुरू से ही होशियार थीं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा गांव और आसपास के स्कूलों से पूरी की।

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12वीं में अच्छे अंक आने के बाद उनके माता-पिता ने उन्हें ग्रेजुएशन के लिए दिल्ली भेजा। सुलोचना ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बॉटनी विषय में स्नातक की पढ़ाई कीउनके पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन किस्मत उन्हें एक अलग दिशा में ले गई।

NSS से बदली सोच, UPSC का लिया फैसला

ग्रेजुएशन के दौरान सुलोचना ने नेशनल सर्विस स्कीम (NSS) जॉइन की। इस दौरान उन्होंने समाज की समस्याओं को करीब से देखा और लोगों की सेवा करने की इच्छा और मजबूत हुई। यहीं से उनके मन में IAS बनने का सपना और पुख्ता हुआउन्होंने डॉक्टरी के बजाय UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया।

बिना कोचिंग, सेल्फ स्टडी से की तैयारी

सुलोचना ने दिल्ली में रहकर बिना किसी कोचिंग के खुद से UPSC की तैयारी शुरू की। वह रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थीं। सही रणनीति, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास उनकी तैयारी की सबसे बड़ी ताकत बने।

पहले ही प्रयास में हासिल की सफलता

साल 2021 में सुलोचना ने अपना पहला UPSC अटेंप्ट दिया और उसी में सफलता हासिल कर ली। उन्होंने UPSC CSE 2021 में ऑल इंडिया रैंक 415 प्राप्त की। ST कैटेगरी में उन्होंने छठी रैंक हासिल की और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए चयनित हुईं। उन्हें झारखंड कैडर अलॉट हुआ, जहां उन्होंने SDO के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

22 साल की उम्र में बनीं IAS

सुलोचना मीणा महज 22 साल की उम्र में IAS बनने वाली अपने क्षेत्र की सबसे कम उम्र की अधिकारी रहीं। वह अपने गांव की पहली महिला IAS अधिकारी भी हैं। उनकी सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे गांव की सोच बदल दी। आज उनके गांव की कई लड़कियां UPSC की तैयारी कर रही हैं और उन्हें परिवार का पूरा सहयोग मिल रहा है।

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