उच्च अधिकारियों की नाक के नीचे ग्राम पंचायत अधिकारी सरकारी धन से रहे खेल

मौरंग खरीद के नाम पर दर्जनों ग्राम पंचायत में किए गए खेल की जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करने से बचते नजर आ रहे खंड विकास अधिकारी लखीमपुर व उपायुक्त मनरेगा

उच्च अधिकारियों की नाक के नीचे ग्राम पंचायत अधिकारी सरकारी धन से रहे खेल

मामला विकासखंड लखीमपुर का है जहां मनरेगा से कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य के नाम पर लाखों का किया गया हेर फेर

लाखों रुपए प्रति ग्राम पंचायत के हिसाब से कई ग्राम पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल रहे खंड विकास अधिकारी लखीमपुर
 
विकासखंड लखीमपुर में कागजों पर जमकर मोरंग खरीद के नाम पर हुआ लाखों का भ्रष्टाचार बालू लगवा कर निकल गया मौरंग खरीद के नाम पर लाखों का भुगतान
 
लखीमपुर खीरी एक तरफ योगी सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही कर रही है वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार द्वारा लागू की गई जीरो टॉलरेंस नीति को नहीं समझते ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव तथा खंड विकास अधिकारी लखीमपुर। ग्राम परधान व पंचायत सचिव द्वारा मनरेगा से कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य में जमकर भ्रष्टाचार किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। बताते चलें कि ग्राम पंचायत बिझौली व पहाड़ापुर में वित्तीय वर्ष 2022-23 व 2023 -24 में इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में जमकर सरकारी धन की लूट किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना है। सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बिझौली और पहाड़ापुर  में इंटरलॉकिंग कार्य में रोडा, बालू ,और सीमेंट के साथ इंटरलॉकिंग ईट ट का प्रयोग किया गया और भुगतान के लिए बिलों में भारी फर्जी वाडा करते हुए बालू की जगह मौरंग का बिल लगाकर 2093 रुपए लगभग प्रति घन मीटर के हिसाब से घोटाला करके अपनी-अपनी जेबे भर लिए जाने की चर्चाओं का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। गौर तलब हो कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में ग्राम पंचायत बिझौली में कराए गए इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में राजाराम के मकान से राम लखन के मकान तक इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में बिल संख्या 744 के द्वारा मौरंग खरीद के नाम पर 60978 रुपए की निकासी की गई वहीं रामनरेश के मकान से शिवपाल के मकान तक इंटरलॉकिंग कार्य में मौरंग खरीद के नाम पर बिल संख्या 745 में धनराशि 37089 रुपए का गोलमाल किया गया। वही सीसी रोड से राकेश धोबी के मकान तक इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में बिल संख्या 175 के माध्यम से मौरंग खरीद के नाम पर 67987 रुपए का भुगतान निकाले जाने का मामला चर्चा का विषय बना है। वहीं यदि वित्तीय वर्ष 2023 -24 की बात करें तो राजेश के घर से देवी स्थान तक इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में मौरंग खरीद के नाम पर बिल संख्या 868 के द्वारा 42 हजार 747 रुपए सरकारी धनराशि का बंदरबाट किए जाने का मामला भी चर्चा का विषय बना है। इसी क्रम में रमेश के मकान से सामुदायिक केंद्र तक इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में बिल संख्या 869 के द्वारा मौरंग खरीद के नाम पर 82666 की सरकारी धनराशि का फर्जीवाडा करके बंदर वाट कर लिया गया। इतना ही नहीं ग्राम पंचायत बिझौली में मेन रोड से हाट बाजार और हाट बाजार परिसर में इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में बिल संख्या 128 के माध्यम से रुपया एक लाख 2154 का गड़बड़ झाला करके हजम कर लिए जाने का मामला जन चर्चा का विषय बना है। कमोबेश यही हाल है ग्राम पंचायत पहाड़ापुर का भी यहां पर इंटरलॉकिंग कार्य में बालू का प्रयोग करके बिल में मौरंग का भुगतान दिखाकर सरकारी धनराशि का बंदरबांट करके अपनी अपनी जेब भर लिए जाने का मामला सुर्खियां बना है ।यदि उक्त निकाली गई धनराशि का योग कर लिया जाए तो मात्र बिझौली ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना से वित्तीय वर्ष 2022-23 व 2023 -24 में मौरंग खरीद के नाम पर 393641 का घोटाला खुलकर सामने आया है।ऐसी लगभग एक दर्जन ग्राम पंचायतें हैं जिनमें मनरेगा द्वारा कराए गए इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में भारी मात्रा में भ्रष्टाचार करके सरकारी धनराशि का बंदरबांट करके योगी के भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश और जीरो टॉलरेंस नीति का खुला मखौल उड़ाया जा रहा है। यहां पर सबसे अहम सवाल यह भी है कि जब इंटरलॉकिंग कार्य में बालू का प्रयोग किया गया और मौरंग का उपयोग हुआ ही नहीं तो फिर मौरंग का बिल क्यों बनाया गया? और किस नियम के तहत फर्जी मौरंग खरीद बिल लगाकर भुगतान निकल गया? वही यह फर्जी वाडा का खेल होता रहा और साहब लोगों को इसका पता तक नहीं चल सका। विकासखंड लखीमपुर की ग्राम पंचायत में सलेमपुर ,पहाड़ापुर, लाहौरी नगर ,बाजपेई, घुघुंची, बेहटा, बिझौली, अमानलाला सहित कई ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान ,सचिव ,तकनीकी सहायक ,रोजगार सेवक के जेब का विकास होता दिखाई पड़ रहा है। प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश का ढिंढोरा जरूर पीटती है यदि उपरोक्त ग्राम पंचायत में धरातलीय निरीक्षण करके निष्पक्ष जांच टीम द्वारा करा ली जाए जांच तो भ्रष्टाचार के नए-नए परत खुलते नजर आएंगे।
 

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