बाल विज्ञानियों ने खंड शिक्षा अधिकारी के साथ किया शैक्षणिक भ्रमण

- आक्सीजन प्लांट तथा भूरा गढ़ किले का अवलोकन किया

बाल विज्ञानियों ने खंड शिक्षा अधिकारी के साथ किया शैक्षणिक भ्रमण

स्वतंत्र प्रभात 

बांदा। बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा प्रायोजित ,राष्ट्रीय अविष्कार शैक्षणिक भ्रमण के अन्तर्गत, बाल विज्ञानियों को, महुआ बॉंदा के,विद्वान खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार पटेरिया ने, हरी झंडी दिखाकर एआरपी डा. आनंद कुमार, ए आर पी विवेक कुमार गुप्ता, डा. इन्द्र वीर सिंह तथा राजेश कुमार तिवारी, ऋचा शुक्ला आदि के साथ वाहन को रवाना किया। इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट टीचर सोसायटी बॉंदा चित्रकूट के चेयरमैन जय किशोर दीक्षित, नसीम मुहम्मद संरक्षक. प्राथमिक शिक्षक संघ बाँदा, आक्सीजन बाबा रामकृष्ण अवस्थी,मो० दानिश, राजेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

बाल विज्ञानियों ने सर्वप्रथम, औद्योगिक क्षेत्र भूरा गढ़ में स्थित आक्सीजन प्लांट का भ्रमण करते हुए, आक्सीजन तथा नाईट्रोजन के प्रृथक्करण की वैज्ञानिक प्रकिया को गंभीरता से समझा। इस अवसर पर डा० इन्द्रवीर सिंह ने वैज्ञानिक प्रक्रिया को अत्यंत सरल तरीके से स्पष्ट करते हुये बताया कि ,इस प्लांट में सर्वप्रथम वायुमंडलीय गैसों को रिसीवर द्वारा ग्रहण करके उन्हें संपीडित किया जाता है। तत्पश्चात क्रायोजेनिक माल्युकिल्स द्वारा आक्सीजन एवं नाइट्रोजन के अतिरिक्त अन्य गैसों को सोखकर बाहर निष्कासित कर दिया जाता है।

इसके पश्चात तरलीकरण कक्ष में, इनको तरलीकृत करने के बाद लगभग -185 डिग्री सेल्सियस पर कूलिंग कर प्राप्त गैस को क्रमशः आक्सीजन तथा नाइट्रोजन सिलेंडरों में फिलिंग कर आपूर्ति की जाती है। इस क्रम में ऐतिहासिक स्थल भूरा गढ़ का विधार्थियों ने भ्रमण किया जिसके बारे में डा० इन्द्रवीर सिंह ने बच्चों को बताया ,कि बुंदेलकेसरी महराजा छत्रसाल के पौत्र दीवान कीरत सिंह ने 1746 ई० में भूरा गढ़ दुर्ग को सैनिक छावनी से आवासीय दुर्ग के रूप में जीर्णाेद्धार कराकर, नये कलेवर में प्रतिस्थापित किया।

देश की आजादी के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में, भूरा गढ़ का किला ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह का बड़ा केन्द्र था। यहाँ अंग्रेजों ने नटबली समेत कई क्रांतिकारियों को फांसी पर चढ़ा दिया ,जिनसे संबंधित शहीद स्मारक तथा आजादी के बाद राष्ट्र रक्षा में शहीद जवानों के शहीद स्मारकों के दर्शन कर, बच्चों ने राष्ट्र भक्ति के इन प्रतिमानों के समर्थन में गगनभेदी नारे लगाये।

अंत में बच्चों ने महावीरन बाग में पहुँचकर वनस्पतियों तथा जलीय जीवों के बारे में ज्ञान प्राप्त कर अपने अपने अनुभवों को साझा करते हुये कवि राजेश तिवारी “रंजन” के काव्य पाठ का आंनद लिया तथा प्रसन्नता पूर्वक वापस सांयकाल अपने अपने गंतव्य स्थलों को रवाना हुये। सुधा सिंह राजपूत. जिलाध्यक्ष. उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ-बाँदा ने सभी बाल विज्ञानियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रमों से छात्रों के अंदर जिज्ञासु पन का भाव पैदा होता है तथा बच्चों का मानसिक विकास होता है।

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