मथुरा पर चर्चा में युवाओं ने रखे वर्तमान ’राजनीति पर विचार’

भारत में युवाओं को राजनीति में नहीं मिल रहा उचित सम्मानः हितेंद्र सिंह

मथुरा पर चर्चा में युवाओं ने रखे वर्तमान ’राजनीति पर विचार’

-भारत और मथुरा का नेतृत्व युवाओं को मिलना चाहिएः सार्थक चतुर्वेदी

स्वतंत्र प्रभात 
मथुरा। मथुरा में डैंपियर नगर में आयोजित मथुरा पर चर्चा कार्यक्रम में मथुरा के युवाओं ने भाग लेकर मथुरा के युवाओं की दिल की बात करते हुए मथुरा के विकास को लेकर चर्चा की।  कार्यक्रम के संयोजक समाजसेवी और अमेरिका से भारत लौटे हितेंद्र सिंह ने कहा कि आज के युवा विशेषकर जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं और जिसे हम एक शिक्षित युवा कह सकते हैं उन्हें राजनीति को लेकर कोई भी रुचि नहीं है। शिक्षित युवाओं में राजनीति तथा राजनेताओं के प्रति अक्सर नाराजगी देखने को मिलती है।

कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने कहा कि भारत और मथुरा की राजनीति में नेतृत्व युवाओं को मिलना चाहिए, जब हम अधिकारियों में युवाओं पर भरोसा करते हैं तो नेतृत्व के लिए भी राष्ट्रीय पार्टियों को युवाओं पर भरोसा जताना चाहिए। भारत की लगभग 70 प्रतिशत आबादी युवा है लेकिन अगर नेतृत्व की बात की जाए तो प्रतिशत बहुत ही कम है।

प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी लगातार ये कहते हैं की युवाओं को मौका मिलना चाहिए लेकिन देश में पार्षद से लेकर प्रधानमंत्री तक परिवार वाद और अपनी कुर्सी न छोड़ने को लेकर राजनेता ये चाहते हैं कि उनको कभी न रिटायर होना पड़े और अगर होना भी पड़े तो उनकी जगह उनके परिवार के किसी सदस्य को वो कुर्सी मिल जाए।

ऐसी स्थिति में करोड़ो युवा कार्यकर्ताओं के साथ राष्ट्रीय पार्टियां धोखा कर रही हैं। सेना से सेवा निवृत हुए मेजर लवेन्द्र चौधरी ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत के युवा राजनीति में सिर्फ भीड़ का हिस्सा हैं उनको सिर्फ भीड़ भड़ाने में उपयोग किया जाता है तथा शिक्षित युवाओं को राष्ट्रीय पार्टियां अपना दावेदार बनाने से भी कतराती हैं। इस मौके पर भारत गौतम, मोहित शर्मा, संजीव शर्मा, सूरज, दीपांकर भाटिया, वरुण अरोड़ा, अनुराग बंसल, गौरव, लक्ष्य अरोड़ा, सीए योगेश अग्रवाल, देवेद्र गुप्ता, दिनेश कुमार सिंह एडवोकेट आदि उपस्थित रहे।


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