जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण,

जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण,

कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ की बैठक


स्वतंत्र प्रभात 
 


बाराबंकी। बाराबंकी पहुंचे  मंत्री, जल शक्ति (सिंचाई एवं जल संसाधन, बाढ़ नियंत्रण, लघु सिंचाई, नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग) डॉ. महेन्द्र सिंह ने प्रदेश के राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद के साथ जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के उपरान्त पुलिस सभागार में सांसद उपेन्द्र सिंह रावत, विधायक रामनगर शरद अवस्थी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत

, भाजपा जिलाध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधियों तथा जिले के अधिकारियों के साथ जिले में बाढ़ की स्थिति तथा जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी पीड़ितों की हर संभव मदद की जाय तथा युद्ध स्तर पर जिले में राहत व बचाव कार्य संचालित किये जायें। डॉ. सिंह ने कहा कि राहत व बचाव कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है।


 डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी पीड़ितजनों को त्वरित राहत पहुॅचायी जाये। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर संचालित करें तथा बचाव व राहत कार्यों में जनप्रतिनिधियों का भी अपेक्षित सहयोग प्राप्त किया जाय। बाढ़ क्षेत्र में प्रकाश की व्यवस्था हेतु जनरेटर, इमरजेंसी लाइट, मोमबत्ती की उचित व्यवस्था की जाये।

जलशक्ति मंत्री डॉ. सिंह ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि बिना किसी भेदभाव के बाढ़ के कारण हुई क्षति का आंकलन कर प्रभावित परिवारों व कृषकों को समय से राहत पहुॅचायी जाय। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मानवों के साथ-साथ पशुओं के चारे-पानी, उपचार व आवास के समुचित बन्दोबस्त किये जायें। आपदा के कारण आमजनमानस की परिसम्पत्तियों की क्षति का आंकलन भी पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ कराया जाय और सम्बन्धित को समय से 


राहत उपलब्ध करायी जाय। प्रभावित ग्रामों के लिए नोडल अधिकारी नामित कर जलभराव वाले ग्रामों में पीड़ित लोगों को लंच पैकेट का वृहद स्तर पर वितरण कराया जाय। ग्रामवासियों के लिए प्रकाश की भी उचित व्यवस्था की जाय। डॉ. सिंह ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि निगरानी समितियों को सक्रिय कर मेडिकल किट के वितरण के साथ-साथ प्रभावित ग्रामों में उपचार की भी व्यवस्था की जाय। बाढ़ क्षेत्र में पानी जैसे-जैसे घट रहा है


, बीमारियों का खतरा उतना ही अधिक रहेगा, इस हेतु डीपीआरओ को निर्देश दिया कि ग्रामों में साफ-सफाई के साथ-साथ एण्टीलार्वा व फागिंग भी करायी जाय। तटबन्धों की सुरक्षा हेतु पूरी सतर्कता बरती जाय। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने हेतु पुलिस अधीक्षक को आवश्यक प्रबन्ध के निर्देश दिये गये।

 उन्होंने कहा कि बाढ़ क्षेत्र में गम्भीर बीमारी से ग्रसित लोगों का चिन्हांकन करके दवाईयों का निःशुल्क वितरण किया जाये। उन्होंने कहा कि लेखपाल द्वारा किसी के साथ भेदभाव न किया जाये, मन बड़ा करके गरीब लोगों की मदद करने की आवश्यकता है।

जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित ग्रामों में अधिकारियों/कर्मचारियों को तैनात करते हुए सर्तकता बरती जा रही है। सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निरन्तर भ्रमणशील रहते हुए जरूरतमन्दों को हर संभव सहायता उपलब्ध करायी जाय। राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन के लिए कन्ट्रोल रूम संचालित है। जनपद बाराबंकी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 108 नावों को लगाया गया है। 


जरूरतमन्द लोगों को राशन किट व लंच पैकेट का वितरण किया जा रहा है। पशुओं के चारे के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसे का प्रबन्ध किया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया गया कि आज 60 कुन्तल भूसा बाढ़ क्षेत्र में उपलब्ध कराया गया है।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद, सीडीओ एकता सिंह, एडीएम संदीप कुमार गुप्ता, सम्बन्धित तहसीलों के उप जिलाधिकारी व बाढ़ कार्य से सम्बन्धित विभागों के अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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