बाल्मीकि कृत रामायण वसुधैव कुटुंबकम की प्रतीक-प्राचार्य प्रो सुशील बाबू

बाल्मीकि कृत रामायण वसुधैव कुटुंबकम की प्रतीक-प्राचार्य प्रो सुशील बाबू

-बाल्मीकि जयंती पर वीरभूमि एनएसएस स्वयंसेवकों ने प्लास्टिक मुक्त महोबा का चलाया अभियान


स्वतंत्र प्रभात

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महोबा । वीरभूमि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में आदि कवि वाल्मीकि जयंती हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो सुशील बाबू , एनएसएस नोडल अधिकारी डॉ संतोष कुमार पांडेय तथा डॉ एल सी अनुरागी सहित समस्त महाविद्यालय परिवार में आदि कवि के चित्र पर माल्यार्पण किया व पुष्प अर्पित किए इस अवसर पर छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य लेफ्टिनेंट प्रो सुशील बाबू ने कहा कि वाल्मीकि कृत रामायण वसुधैव कुटुंबकम की प्रतीक है,

 रामायण में राम के चरित्र के अलावा जटायु , संपाती आदि पक्षियों की भक्ति भावना को प्रदर्शित किया गया है जटायु ने सीता को मुक्त कराने के लिए रावण से युद्ध किया और अंत में वीरगति को प्राप्त हुआ। प्राचार्य प्रो सुशील बाबू ने कहा कि जब राम 14 वर्ष के वनवास के लिए जा रहे थे तब सुमित्रा ने लक्ष्मण को सीख देते हुए कहा कि लक्ष्मण राम को पिता दशरथ व सीता को अपनी मां समझना और जंगल को अयोध्या ही समझना।


रामायण में अर्थशास्त्र ,राजनीति शास्त्र ,भूगोल ,ज्योतिष शास्त्र ,धर्म शास्त्र ,नीति शास्त्र आदि का विस्तार से ज्ञान प्राप्त होता है इसे समस्त नागरिकों को जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर एनएसएस के जनपदीय नोडल अधिकारी डॉक्टर संतोष कुमार पांडेय के नेतृत्व में एनएसएस स्वयंसेवी छात्र-छात्राओं द्वारा प्लास्टिक मुक्त महोबा का अभियान चलाया गया तथा उन्होंने कहा कि प्लास्टिक पर्यावरण प्रदूषण का सबसे बड़ा कारक है


 एनएसएस  स्वयंसेवीयो ने प्लास्टिक कचरे को साफ करते हुए जागरूकता का संदेश दिया इस अवसर पर संस्कृत मे बाल्मीकि जी के जीवन तथा रामायण पर प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम भी कराया गया कार्यक्रम के अंत में राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ एलसी अनुरागी ने कहा कि रामायण जैसे महानआर्ष महाकाव्य की

 रचना बाल्मीकि जैसे मनीषी से ही संभव थी बाल्मीकि ने राम कथा के माध्यम से नैतिकता का संदेश दिया संस्कृत भाषा में रची गई रामायण संस्कृत के प्रहरी की भूमिका में है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ प्रदीप कुमार, डॉ डी के खरे, डॉ शक्ति सक्सेना,  डॉ अनवर आलम,  डॉ सोवित कुमार गुप्ता, डॉ बृजेश कुमार सिंह, डॉ महेंद्र सिंह, हेमलता सहित छात्र छात्राये  उपस्थित रहे छात्र धीरज सोनी में कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

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