भारत का इतिहास

स्वतंत्रता से विकसित भारत की ओर

15 अगस्त भारत के इतिहास का वह स्वर्णिम दिवस है जिसने करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता का अमूल्य उपहार दिया। यह केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने और देशभक्ति के गीत गाने का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन, कर्तव्यबोध और भविष्य के संकल्प का...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

भारत के विकास का अर्थशास्त्रीय दृष्टिकोण, कुछ भी असंभव नहीं

नेपोलियन का एक बड़ा सूत्र वाक्य था कुछ भी असंभव नहीं है। बिस्मार्क जर्मनी के एक ऐसे सम्राट रहे हैं जिनके बारे में कहा जाता है की उनके हाथों में दो गेंद तथा तीन गेंदें हवा में होती थी, यूरोप...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

महुआ डाबर महोत्सव में गूंजा शहीदों का स्मरण, मशाल यात्रा से क्रांतिवीरों को दी श्रद्धांजलि

बस्ती। बस्ती जिले में भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 की अमर गाथा और गुमनाम शहीदों की स्मृति को समर्पित तीन दिवसीय “महुआ डाबर महोत्सव-2026” के दूसरे दिन ऐतिहासिक क्रांति स्थल पर भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महुआ डाबर संग्रहालय...
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