शिक्षा का बाजारीकरण

शिक्षा का बाजारीकरण और छात्रों का भविष्य

  महेन्द्र तिवारी भारत में शिक्षा अब केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं रह गई है। यह धीरे धीरे एक विशाल व्यापार में बदल चुकी है। इस व्यापार का सबसे चमकदार और सबसे खतरनाक चेहरा निजी प्रतियोगी शिक्षण उद्योग है।...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार