प्रवासी भारतीय

विविधता से एकात्मता की ओर

प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश    आज विश्व के तमाम देश धार्मिक पहचान, नस्ली अस्मिता, अतिराष्ट्रवाद, युद्ध, सांस्कृतिक टकराव, धार्मिक असहिष्णुता, सामाजिक ध्रुवीकरण और बढ़ती वैचारिक दूरियों जैसी अनेक चुनौतियों से गुजर रहे है। भारत भी इससे अछूता नहीं है।विज्ञान, परिवहन और संचार...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

पश्चिम एशिया में युद्ध के प्रभाव से निबटना भारतीयों की चुनौती 

राजीव शुक्ल-संपादक  युद्ध कोई भी हो उसका नुकसान तो सभी को उठाना पड़ता है। पिछले कुछ महीनों से पश्चिम एशिया में फैली अंशाति का खामियाजा पूरे विश्व को उठाना पड़ रहा है। हम बात कर रहे हैं इजराइल और हमास...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

आ अब लौट चलें

कभी भारत से विदेश जाना सफलता का पर्याय माना जाता था। इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और तकनीकी विशेषज्ञ अपने सपनों को साकार करने के लिए अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप की ओर निकल पड़ते थे। बेहतर वेतन, आधुनिक जीवनशैली,...
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