प्रेरणादायक कविता

बेटी की फीस के लिए...!

यूं नंगे पाँव दौड़ी माँ, साड़ी में लिपटी थी ममता, आँखों में एक सपना "बेटी" की पढ़ाई व क्षमता। रास्ते में पत्थर-दग्गड हैं आए, पाँवों में चुभते रहे, लोग तमाशा देखते रहे, "माँ" कदम बढ़ाती रही।    न जूते की चाह...
साहित्य/ज्योतिष  कविता/कहानी 

छोटे-छोटे निरंतर प्रयासों से खुलते बड़े सफलता के द्वार।

  मानव जीवन संघर्ष, परिश्रम, धैर्य और निरंतर प्रयासों की एक लंबी कहानी है। संसार में जितने भी महान व्यक्ति हुए  उनकी सफलता किसी एक दिन की चमत्कारी घटना नहीं थी, बल्कि वर्षों तक किए गए छोटे-छोटे सतत प्रयासों का जिस...
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