भारत की अर्थव्यवस्था

आ अब लौट चलें

कभी भारत से विदेश जाना सफलता का पर्याय माना जाता था। इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और तकनीकी विशेषज्ञ अपने सपनों को साकार करने के लिए अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप की ओर निकल पड़ते थे। बेहतर वेतन, आधुनिक जीवनशैली,...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

नए भारत का स्वर्णिम अध्याय: नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में विकास, शक्ति और वैश्विक प्रतिष्ठा की गाथा

वर्ष 2014 भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जाता है, जब नरेंद्र मोदी ने देश की बागडोर संभाली। उस समय भारत दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था और उसकी जीडीपी लगभग 1.86 ट्रिलियन डॉलर...
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 वैश्विक शक्ति का विकेंद्रीकरण और उभरते नए आयाम

- महेन्द्र तिवारी        इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में वैश्विक परिदृश्य एक ऐसे परिवर्तनकारी मोड़ पर खड़ा है जहाँ पुरानी व्यवस्थाओं की दीवारें ढह रही हैं और नई शक्तियों का उदय हो रहा है। इतिहास के पन्नों को पलटकर देखें...
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भारत तेजी से तीसरी अर्थव्यवस्था का देश बनने को अग्रसर है तब क्यों नोएडा में मजदूरो ने  न्यूनतम वेतन बढ़ाने के आन्दोलन किया

प्रोफेसर अशोक कुमार     ब्यूरो प्रयागराज- नोएडा औघोगिक क्षेत्र में १२अप्रैल से जो मजदूर आन्दोलन शुरू हुआ उस पर कुछ कहने लिखने से पहले यह भी समझने की जरूरत है कि भारत जब विश्व का चौथी अर्थव्यवस्था का देश बन गया...
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