डिजिटल युग

सोशल मीडिया का शोर और लोकतंत्र की खामोशी

राजीव शुक्ला लोकतंत्र केवल चुनाव कराने का नाम नहीं है। लोकतंत्र का वास्तविक अर्थ है जनता की आवाज सुनी जाए, सत्ता से सवाल पूछे जाएं, असहमति का सम्मान हो और नागरिकों को सही जानकारी के आधार पर अपना...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

रोबोडॉग विवाद : तकनीक, पारदर्शिता और प्रतिष्ठा का टकराव

महेन्द्र तिवारी    तकनीकी उपलब्धियों के इस युग में जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता को भविष्य की दिशा तय करने वाली शक्ति माना जा रहा है, तब सार्वजनिक मंचों पर प्रस्तुत किए जाने वाले दावों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पहले से कहीं...
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