#विश्वडाकदिवस

एक चिट्ठी जो आज भी जिंदा है

सुनील कुमार वाजपेयी शिवम्    हर वर्ष नौ अक्टूबर को विश्व डाक दिवस मनाया जाता है। यह वही दिन है जब सन 1874 में स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में 22 देशों ने मिल कर यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन यानी विश्व डाक संघ...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

“जब डाकिया झोले में खत नहीं भावनाएं लेकर आता था”

विश्व डाक दिवस पर उस दौर को याद करने की जरूरत है, जब डाकखाना सरकारी दफ्तर नहीं, भावनाओं का पता हुआ करता था। एक समय था जब डाकखाना केवल सरकारी दफ्तर नहीं हुआ करता था। वह भावनाओं का पता हुआ...
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