धार्मिक साहित्य

राम-नाम की ज्योति जलाई...!

वह रामचरित के रचयिता, भक्ति-भाव के गायक, जन-जन के मन में बसें, तुलसीदास महानायक। शब्दों में उन्होंने "मर्यादा" रखी चौपाई में संस्कार, राम-नाम की ज्योति जलाई, मिटा दिया अंधकार।    अवधी की मीठी बोली में, भक्ति का है रस घोला, मानस...
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