दो वर्ष के बाद हुआ कोटा निरस्त ।

दो वर्ष के बाद हुआ कोटा निरस्त ।

प्रदीप दुबे (रिपोर्टर )

औराई भदोही ।

औराई थाना क्षेत्र के परानापुर के कोटेदार देवनाथ गुप्ता की  दो वर्ष तक मिट्टी के तेल का उठान न कर सरकारी पैसे का गमन कर आख्या मांगने पर फर्जी मेडिकल प्रस्तुत करना देवनाथ गुप्ता को पड़ गया महंगा। सप्लाई इंस्पेक्टर के जांच उपरांत  जिलाधिकारी भदोही के निर्देश पर उपजिला अधिकारी ने कोटा को निलंबित करते हुए 1 सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण का मांग किया  था।

स्पष्टीकरण ना देने पर 3 /3 /2020 को सरकारी कार्य में बाधा एवं तहसील दिवस पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्महत्या करने की कोशिश करने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर देवनाथ गुप्ता के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया था। जिसके बाद औराई पुलिस ने गिरफ्तार कर देवनाथ गुप्ता को जेल भेज दिया था।   

बताते चले की 19/3/2020 को प्रदेश के पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा द्वारा देवनाथ गुप्ता के पक्ष में औराई तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया गया था , और  साथ ही साथ  सप्लाई इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने की मांग  भी की गई थी। लेकिन  जब जांच उपरांत देव नाथ गुप्ता का मेडिकल जांच कराया गया तो मेडिकल फर्जी पाया गया।

जिसके उपरांत देवनाथ गुप्ता ने 20/8/ 18 को कोटे से त्यागपत्र दे दिया लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा उन्हें लिखित अवगत कराया गया  कि आप के खिलाफ जांच चल रही है,  इसलिए आपका त्यागपत्र मंजूर नहीं किया जाएगा। तत्पश्चात जिला अधिकारी  द्वारा कमेटी गठित कर पूर्ण रूप से पुनः जांच कराया गया

जांच उपरांत 4/1/ 2019 को सर सुंदरलाल चिकित्सालय वाराणसी संबंधी चिकित्सा प्रमाण पत्र संलग्न कर दुकान की आपूर्ति बहाल करने की मांग करने हेतु प्रार्थना पत्र दिया गया प्रस्तुत चिकित्सा प्रमाण पत्र का अवलोकन किया गया जिसमें यह पाया गया कि विक्रेता की चिकित्सा मधुमेह हेतु की गई है।

इस प्रकार विक्रेता द्वारा लंबे समय लगभग 5 माह के पश्चात विभाग को अंधकार में रखकर अपना कार्य करते रहे। जिसके बाद 20/10/20 को उप जिला अधिकारी को आख्या सहमत देते हुए जिलाधिकारी महोदय ने 22/10/2020 को कोटे को निरस्त करने का अनुमोदन प्रदान किया।जिसको देखते हुए आज सप्लाई इंस्पेक्टर ने औराई थाने में कोटेदार देवनाथ गुप्ता के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया।