क्या उ.प्र. में दाग़ी मंत्रियों की छुट्टी होगी ? 

क्या उ.प्र. में दाग़ी मंत्रियों की छुट्टी होगी ? 

क्या उ.प्र. में दाग़ी मंत्रियों की छुट्टी होगी ? 

लोकानुभूति(Public Perception) के अनुसार कौन-२ मंत्रिगण आते हैं, इस श्रेणी में ? 

क्या योगी जी की बात चलेगी या फिर........ढाक के तीन पात ही रहेगा !

सड़कें गड्ढामुक्त हुईं नहीं, कुछ लोगों की जेबें ज़रूर भर गयीं। उ.प्र. में चीनी व शीरा बिक्री घोटाले हुए.. मैंने एफ़बी पर लिखा था। पंजीरी घोटाले के आरोपी पॉंटी चड्डा ग्रूप के जाल में अभी भी फँसा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग  के भ्रष्टाचार के बारे में मैंने लिखा था

और भाजपा सांसद हरिनारायन राजभर ने भी योगी जी को लिखा था। रोडवेज़ में नक़ली टिकट प्रिंटिंग घोटाले व ओवरलोडिंग के मामले में भ्रष्ट अधिकारियों के जाल में फ़से परिवहन विभाग के बारे में चर्चा गर्म है।

पंचायत राज विभाग में रु. 700 करोड़ के शौचालय निर्माण घोटाले की हर जनपद में गम्भीर चर्चा है। सिंचाई विभाग में ऊपर के स्तर पर कमिशनखोरी आज आम चर्चा का विषय है,अख़बारों में भी ख़ूब छापा है। बिजली विभाग भी पूर्व सरकारों की भाँति घोर भ्रष्टाचार की चपेट में है। 

पीडबल्यूडी विभाग में गढ्ढा मुक्त सड़कों के नाम पर ४०% तक कमिशन विभाग में बदनामी का सबब बन चुका है। शिक्षा विभाग - बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभागों में शिक्षा भवनों को आज ‘लूट-भवन’ के रूप में जाना जाता है। भाजपा में संगठन को ज़्यादा से ज़्यादा भेंट चढ़ाने की होड़ सी मची है.... अपनी जेबें अलग से भरनी ही हैं। 

योगी जी का अपना खड़ग निकालने का समय आ गया है.... लोग यह कह लगे हैं कि ऐसी ईमानदारी का क्या मतलब यदि आपकी टीम में मंत्री भ्रष्टाचार मचाने में लगे हैं और आप रोक नहीं पा रहे हैं...यदि सुनील बंसल की चली तो कोई भी भ्रष्ट मंत्री नहीं हटेगा ... आने वाले समय में और भ्रष्टाचार का और बोलबाला होगा। 

दाग़ी मंत्रियों में हाल ही में एक पूर्व केंद्रीय मंत्री के साथ किसान आंदोलन को प्रायोजित कराने वाले गन्ना मंत्री सुरेश राणा, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग  मंत्री अनुपमा जायसवाल, परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह , पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह का नाम सबसे ऊपर माना जा रहा है।

दोनो उपमुख्यमंत्रियों में से केशव मौर्य पिछड़ों के नेता हैं और पीएम मोदी के नज़दीकी, दिनेश शर्मा कम्बल ओढ़ कर घी पीने रहे हैं ..... आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे होने के बावजूद भी शायद ही इन्हें छुआ जाए.... कुछ अन्य भ्रष्ट मंत्री जैसे भाजपा अध्यक्ष के साथ नज़दीक होने का दावा करने वाले ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा भी हाईकमांड के रेडार पर हैं। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह भी विभाग में बढ़ रहे भ्रष्टाचार व अकर्मण्यता के कारण निशाने पर हैं। 

यदि भ्रष्ट मंत्रियों को नहीं हटाया गया तो उत्तर प्रदेश में भाजपा का डूबना निश्चित है.... योगी जी को अपना शौर्य क़ायम रखना होगा .... नहीं तो लोग कहेंगे ..’बातें हैं बातों का क्या’ ? लोग यहाँ तक कह रहे हैं कि इस सरकार में भ्रष्टाचार कम तो हुआ नहीं अपितु और बढ़ गया है ...... अन्य सरकारों से ज़्यादा फ़र्क़ नहीं रह गया है .... !!!

नोट: याद रखिए: 

“People shouldn't be afraid of their government. Governments should be afraid of their people.”—Alan Moore

सूर्य प्रताप सिंह -IAS

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