प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा 21 दिन भारत बंद की घोषणा के से बाद दिखाई दिया राजधानी में कड़ाई से असर,डालीगंज किराना की दुकानों पर लग रही है कतारे

देश-दुनिया इस समय एक भारी संकट से जूझता दिखाई दे रहा है जिसमे सभी को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए लेकिन हाल में ही 22 मार्च को जनता कर्फ़्यू की अपेक्षा लोगो मे कम सजगता दिखाई देने की ही वजह से जिसके चलत मंगलवार को 21 दिन यानी 14 अप्रैल तक पूरे भारत को बंद करने का निर्देश दिया था प्रधानमंत्री ने मंगलवार रात 12 बजे से पूरी तरह से भारत में गली,मोहल्ले सभी को 14 अप्रैल तक पूरी बन्द रहेंने के निर्देश दिए थे क्यों कि  जनता अपील के बावजूद भी लगातार  लोग सड़कों पर दिखाई दे रहे थे

जिसकी ही वजह से पूर्व मे प्रधानमंत्री के द्वारा की गई अपील के द्वारा जनता से यह भी कहा गया था कि वह घरों में ही रहकर देशहित में सहयोग करे लेकिन राजधानी लखनऊ में उस अपील का सड़को पर मिला-जुला ही असर दिखाई दिया तो वही पर हमारे संवाददाता गौरव बाजपेयी ने लख़नऊ राजधानी के भिन्न-भिन्न क्षेत्रो में जाकर कड़ाई से दिए निर्देशो व कर्फ़्यू का मुआयना किया जिसके अंतर्गत हज़रतगंज, निशातगंज, अमीनाबाद, आईटी कॉलेज,परिवर्तन चौक डालीगंज पुल पर हमेशा की ही तरह पर पुलिस पूरी मुस्तैदी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद दिखाई दिए तो उन पुलिस कर्मियों से पूछने पर बताया कि हम लोगों ने बिना किसी उपयुक्त कारण बताने व  घरो से अकारण बाहर निकलने वाले के खिलाफ कार्यवाही भी की जा रही है एवं उनके  वाहन की चेकिंग के दौरान वाहनों के भी चलान किये जा रहें है एवं जो लोग ने बाहर निकलकर बिना हेलमेट और बच्चो के साथ घूमते नज़र आ रहे है उनपर भी शासन प्रशासन के दिये दिशा निर्देश का ही अनुसरण करते हुए

सख्ती से लोगो के चालान भी किया जा रहा है क्यों कि यह दिशा निर्देश दिए गए थे कि किसी भी व्यक्ति को बहुत ही ज्यादा आवश्यक कार्य हो तभी आप घरों से निकले लेकिन लापरवाही बरतने वालो पर अब होगी सख़्ती से कार्यवाही सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि दुपहिया वाहन में एक और चौपहिया वाहन में 2 लोगों से अधिक बैठाने पर उनका भी चालान किया जाएगा एव उनको भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है इस कोरोना के खतरनाक वायरस के ही यह निर्देश लगातार जारी किए जा रहै है लेकिन लोगो मे इसके प्रति क्या कुछ जागरूकता है यह जिम्मेदारी लोगो पर भी निर्भर करता है ।

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