बलिया कोठी के मजदूर की चंडीगढ़ में मौत, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

रसूलपुर-थाना-क्षेत्र-के-बलिया-कोठी-गांव-के-एक-मजदूर-की-कंस्ट्रक्शन-काम-करने-के-दौरान-अचानक-घायल-होने-के-बाद-उपचार-के-दौरान-चंडीगढ़-में-मौत-हो-गई।
रसूलपुर-थाना-क्षेत्र-के-बलिया-कोठी-गांव-के-एक-मजदूर-की-कंस्ट्रक्शन-काम-करने-के-दौरान-अचानक-घायल-होने-के-बाद-उपचार-के-दौरान-चंडीगढ़-में-मौत-हो-गई।

धनाभाव में गांव नहीं आ सका मजदूर का शव

  • स्वतंत्र प्रभात

सारण-ब्यूरो

एकमा (के०के०सिंह सेंगर)। रसूलपुर थाना क्षेत्र के बलिया कोठी गांव के एक मजदूर की कंस्ट्रक्शन काम करने के दौरान अचानक घायल होने के बाद उपचार के दौरान चंडीगढ़ में मौत हो गई। उधर मौत की सूचना मिलते ही बलिया कोठी गांव में परिजनों के बीच कोहराम मच गया।

मिली जानकारी के मुताबिक बलिया कोठी गांव निवासी बलिराम राम के पुत्र भृगुनाथ राम (40) आर्थिक तंगी से तंग आकर एक माह पूर्व ही मजदूरी करने के लिए पंजाब शहर के चंडीगढ़ सेक्टर 28 ए में स्थित एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में मजदूरी करने के लिए गया हुआ था।

काम करने के दौरान शनिवार के दिन फेवर ब्लॉक से अचानक उसको चोट लग गई। जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया था। वहीं चोट लगने के कुछ घंटे बाद उसकी कंस्ट्रक्शन कंपनी में ही मौत हो गई।

चंडीगढ़ पुलिस को सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने साथ में बलिया कोठी गांव के काम करने वाले मजदूरों के हाथ कागजाती प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को सौंप दिया।

धनराशि के अभाव में गांव से गए मजदूर चाह कर भी शव को गांव नहीं ला सके। तब वीडियो कॉल के जरिए परिजनों को शव का अंतिम दर्शन कराया गया। वहीं परिजनों के मुताबिक मजदूर की चंडीगढ़ में ही अंतिम संस्कार रविवार की सुबह कर दिया गया।

इधर मौत की खबर से रविवार की सुबह तक महिलाओं की चीख-पुकार से बलिया कोठी गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। इधर मृतक की पत्नी चिंता देवी की अपने पति की एक झलक देखने के लिए पागलों जैसी स्थिति हो गई थी।

वह दहाड़ मार कर रो रही थी। हालांकि मृत भृगुनाथ के दो पुत्र व एक पुत्री है। पिछले साल एक पुत्री की शादी कर दी है। अभी दोनों पुत्र मैट्रिक व इंटर में पढ़ रहे हैं। वह भृगुनाथ परिवार का एकलौता कमाऊ थे। उनकी मौत के बाद परिजन एकाएक असहाय हो गये है।

घटना की खबर पाकर अंबेडकर विकास मंच प्रखंड इकाई सिसवन ने बलिया कोठी पहुंच कर परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस दौरान कमलेश बौद्ध, दिलीप राम, भूपेंद्र भारती, शिवनाथ राम, सुरेश राम, सुदामा राम, परवेज आलम, राजेश्वर यादव, राघव राम, दीपक कुमार, गुड्डू कुमार विद्यार्थी आदि दर्जनों लोग शोकाकुल परिवार के साथ मौजूद रहे।