पेंशनर्स ने मूक धरना देकर डीएम के माध्यम से पीएम और सीएम को प्रेषित किया तेरह सूत्रीय ज्ञापन

पेंशनर्स ने मूक धरना देकर डीएम के माध्यम से पीएम और सीएम को प्रेषित किया तेरह सूत्रीय ज्ञापन

उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में दोपहर 12 से 3 बजे तक मूक  धरना देकर प्रधानमन्त्री तथा मुख्यमन्त्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा|


 माती (कानपुर देहात)| संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में जनपद कानपुर देहात के पेंशनर्स ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर मूक धरना देकर प्रधानमन्त्री तथा मुख्यमन्त्री को सम्बोधित तेरह सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए अपनी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है|

जनपद कानपुर देहात के माती स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर सोमवार को अपनी तेरह सूत्रीय मांगों को लेकर भारी संख्या में इकट्ठा हुए पेशन धारकों ने संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में दोपहर 12 से 3 बजे तक मूक  धरना देकर प्रधानमन्त्री तथा मुख्यमन्त्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा|

संगठन के नेता एवं सेवा निवृत्त शिक्षक राम आसरे सिंह जादौन ने बताया कि जिस तरह से आज हम लोग कानपुर देहात के जिलाधिकारी को अपनी तेरह सूत्रीय मागों से सम्बन्धित ज्ञापन देने आये हैं उसी तरह से प्रदेश के प्रत्येक जिले में मूक धरना देने के बाद प्रधानमन्त्री तथा मुख्यमन्त्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माधयम से प्रेषित किये जाने का अभियान चल रहा है|

उन्होंने बताया कि राज्य तथा केन्द्र सरकार द्वारा विगत वर्षों में अपनी उपेक्षा से हम सभी पेंशनर्स अत्यन्त क्षुब्ध हैं तथा इस तरह का आन्दोलन करने के लिए वाध्य हुए हैं| सरकार को पड़ोसी देशों की पेंशन नीति से सबक लेते हुए पेंशन नियमावली में सुधार करना चाहिए| भारत के पेंशनर्स को उसके अन्तिम वेतन का 50 प्रतिशत तथा पारिवारिक पेंशनर्स को 30 प्रतिशत की धनराशि पेंशन के रूप में अनुमन्य है|

 जबकि पड़ोसी देश श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के पेंशनर्स को उसके अन्त्तिम वर्ष के वेतन का 80 प्रतिशत तथा पाकिस्तान के पेंशनर्स को 82 प्रतिशत पेंशन राशि अनुमन्य है| उन्होंने बताया कि ज्ञापन के माधयम से जहाँ हमने पेंशन नीति बदलने की मांग की है वहीँ जनवरी 2020 से जून 2020 के मध्य देय मंहगाई भत्ते के एरियर के शीघ्र भुगतान हेतु निवेदन किया है|

इसके अलावा 65, 70 तथा 75 वर्ष की आयु पर पेंशन में क्रमशः 5, 10 तथा 15 प्रतिशत की वृद्धि तथा पेंशन राशिकरण धनराशि की बहाली 15 वर्ष के स्थान पर 12 वर्ष करने की भी मांग की गयी है| जुलाई 2021 से 3 प्रतिशत की दर से देय अतिरक्त मंहगाई राहत का भुगतान, जिलाधिकारी स्तर पर होने वाली मासिक बैठक के एजेण्डा में पेंशनर का बिन्दु शामिल किया जाना,  1 जनवरी 2006 के पूर्व सेवा निवृत्त पेंशनर्स को 33 वर्ष की सेवा न होने पर भी पूरी पेंशन दिया जाना, उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद् से सेवा निवृत्त पेंशनरों को मेडिकल सुविधा प्रदान करना तथा तदर्थ सेवाओं का पेंशनरी लाभ अनुमन्य किया जाना ज्ञापन की प्रमुख मांगों में शामिल है|        

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