परमहंस मन्दिर में नवनिर्मित मन्दिरों में चल रही मूर्ति स्थापना

परमहंस मन्दिर में नवनिर्मित मन्दिरों में चल रही मूर्ति स्थापना

अध्यक्ष आरके वाजपेयी, पुजारी पं. सुरेंद्र शास्त्री व पं. पुरूषोत्तम मिश्र, अरविंद त्रिपाठी ने विधि-विधान से किया। 


 स्वतंत्र प्रभात 
 

महमूदाबाद-सीतापुर महमूदाबाद के वार्ड बन्नी स्थित श्री-श्री 1008 बाबा परमहंस मंदिर में नवनिर्मित मंदिरों में चल रहे मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में मंगलवार को देवी काली, पवन पुत्र हनुमान जी की बारात निकाली गयी। केसरिया झंडा हाथों में लिये बैंड की ध्वनि पर थिरकते विहिप के युवा व भक्त मां काली व पवन पुत्र के जयकारे लगाते, अमीर-गुलााल उड़ाते बारात में शामिल हुये।


 बन्नी मंदिर से निकली देवयात्रा विभिन्न मंदिरों से होती हुयी पुनः मंदिर पहुंची। जहां आचार्य पं. सुरेंद्र शास्त्री ने अपने साथियों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच की मूर्तियों का पूजन कराया।मंगलवार की सुबह बन्नी स्थित श्री-श्री 1008 बाबा परमहंस मंदिर परिसर में नवनिर्मित मंदिरों में स्थापित होने वाली मूर्तियों को सप्त औषधियों से भरे 108 कलशों से विधि-विधान के साथ मुख्य आचार्य पंडित सुरेंद्र शास्त्री व चार अन्य विद्वान पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच मुख्य यजमान आरके वाजपेयी, किरन वाजपेयी, अरविंद त्रिपाठी, माधुरी त्रिपाठी आदि ने स्नान करवाया। 

इसके बाद भक्तों की भारी भीड़ गाजे-बाजे के साथ मंदिर से देवताओं की बारात में शामिल हुई। बारात परमहंस बाबा मंदिर से शुरू होकर पैंतेपुर रोड सेे रामकुंड चैराहा स्थित श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर, बजाजा चैराहा, चिकमंडी चैराहा, तहसील मार्ग होते हुये मंा संकटा देवी मंदिर पर पहुंची। जहां बारात में शामिल मूर्तियों का पूजन-अर्चन संकटा मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष आरके वाजपेयी, पुजारी पं. सुरेंद्र शास्त्री व पं. पुरूषोत्तम मिश्र, अरविंद त्रिपाठी ने विधि-विधान से किया। 

आरती के पश्चात प्रसाद वितरित हुया। फूलों से सज्जित वाहन पर मूर्तियों को रखकर जब समिति के लोग कस्बे के मुख्य मार्ग से निकले तो लोगों ने मार्ग में जगह-जगह पूजन कर स्वागत किया। इसके बाद बारात वापस परमहंस मंदिर पहुंची। जहां धार्मिक परम्परानुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन सम्पन्न हुआ। देव बारात में केसरिया झंडा हाथों में लिये बैंड की ध्वनि पर थिरकते विहिप के जिला मंत्री कृतार्थ मिश्र के साथ दक्ष पांडेय, विदित वर्मा, उत्तम गुप्त, पिंटू कश्यप, 

रवि प्रकाश, बृजेश वर्मा, दुर्गा वाहिनी से रिंकी, सुनीता गुप्ता सहित बड़ी संख्या में युवा व भक्त मां काली व पवन पुत्र के जयकारे लगाते, अमीर-गुलााल उड़ाते चल रहे थे। बन्नी मंदिर से निकली देवयात्रा विभिन्न मंदिरों से होती हुयी पुनः मंदिर पहुंची।


 इस मौके पर कृष्ण कुमार गुप्त, आंजनेय आशीष, विकास त्रिपाठी,  दिलीप त्रिपाठी दिनेश वाजपेयी, सरोज शुक्ल, मोहित रस्तोगी, शिवम विक्रांत, अशोक नाग, महाराज सिंह, राजेंद्र वर्मा, श्रवण मिश्र, विशाल गुप्त, अजय शुक्ल, नरेंद्र वर्मा, श्रीचंद रावत, पवन शुक्ल, विजय कुमार, विष्णु कुमार, नेहा, करूणा, कामिनी, माया पांडेय, शांति दीक्षित, रूपाली, रीता, रुचि, पिंकी, मधु, आशा, सुनीता प्रीति चैहान, गीता शुक्ला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित थे।  

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