औराई में झोलाछाप डॉक्टरों पर नहीं लग रही लगाम ।

झोलाछाप डॉक्टरों पर नहीं लग सकी लगाम । प्रदीप दुबे (रिपोर्टर ) औराई, भदोही । योगी सरकार ने फरमान जारी किया था कि झोलाछाप कोई और काम ढूंढ लें। लेकिन भदोही जनपद में तो हाल ही अलग है। उनके इस फरमान का यहां कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। यहां तो स्वास्थ्य विभाग ने

झोलाछाप डॉक्टरों पर नहीं लग सकी लगाम ।

प्रदीप दुबे (रिपोर्टर )

औराई, भदोही ।

योगी सरकार ने फरमान जारी किया था कि झोलाछाप कोई और काम ढूंढ लें। लेकिन  भदोही  जनपद  में तो हाल ही अलग है। उनके इस फरमान का यहां कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। यहां तो स्वास्थ्य विभाग ने ही ऐसे डॉक्टरों को संरक्षण दे रखा है। सूचना के नाम पर दो-चार डॉक्टर ही अनधिकृत दर्शाए जाते हैं। जबकि सिर्फ औराई  विकास खंड में ही  झोलाछापों की संख्या ढाई सौ से भी अधिक है।

सीधे तौर पर ऐसे लोगों को झोलाछाप ठहराया जाता है जिनके पास चिकित्सा अध्ययन की वैध डिग्री नहीं है। साथ ही सीएमओ कार्यालय में जिनका पंजीकरण नहीं हैं। औराई विकास खंड में इस तरह के डॉक्टरों की स्थायी संख्या ही ढाई सौ से ऊपर है। जबकि गर्मी, बरसात जैसे अधिक बीमारियों वाले मौसम में इनकी संख्या में और इजाफा हो जाता है।

इस समय भी सामान्य वायरल संक्रमण से लेकर डायरिया, मलेरिया के मामले बढ़ गए हैं। जिसे देख झोलाछापों ने भी पैर फैलाने शुरू कर दिए हैं। पुराने डॉक्टरों के अलावा कई नए डॉक्टर भी सामने आ रहे हैं। यह समस्या केवल औराई तक ही सीमित नहीं है बल्कि पुरे  भदोही जनपद  के गांव स्तर पर भी दर्जनों झोलाछाप शान से अपने क्लीनिक चला रहे हैं। 

और तो और जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों पर झोलाछाप डॉक्टर भारी पड़ रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की ओर से झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान नहीं चलाने से डॉक्टरों के हौंसले बुलंद हैं। दिलचस्प पहलू यह है कि झोलाछाप डॉक्टरों को चिह्नित करने के लिए विभागीय स्तर पर हाल फिलहाल में कोई योजना भी नहीं है। 

स्वास्थ्य विभाग की ओर से झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अब तक जितने अभियान चलाए गए हैं वह सब कागजों तक सिमटकर रह गए हैं। विभागीय अधिकारियों ने अपवादस्वरूप एकाध बार अभियान भी चलाया, कई डॉक्टरों को नोटिस भी जारी किए। इसके बावजूद सभी झोलाछाप डॉक्टर प्रैक्टिस कर रहे हैं। अधिकारी महज जांच की कार्रवाई कर सकते हैं।

बाकी जांच की पूरी प्रक्रिया पुलिस या फिर प्रशासन की है। औराई बाजार के अलावा पूरे क्षेत्र में कितने झोलाछाप डॉक्टर्स हैं, इसकी कोई अधिकृत जानकारी विभागीय अफसरों के पास नहीं है। इन्हीं डॉक्टरों की करतूतों के चलते कई मरीजों की जान तक चली जाती है।

किसी भी झोलाछाप डॉक्टरों पर कोई कठोर कार्यवाही नही हुई है। जिसके चलते लगातार झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार होती चली जा रही है। जिसके चलते जनता की जीवन नैया खतरे में पड़ रही है। जबकि विभागीय अधिकारी आंख बंद करके यह  सब खेल देख रहे है।

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