इफको फूलपुर: भारतीय कृषि में बदलाव

इफको फूलपुर: भारतीय कृषि में बदलाव

इफको फूलपुर: भारतीय कृषि में बदलाव


इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर को आपरेटिव लिमिटेड,जिसे इफको के नाम से जाना जाता है ना केवल भारत में बल्कि दुनिया में उर्वरक उद्योग में अग्रणी है। इसकी स्थापना 3 नवंबर, 1967 को हुई थी। इफको पूरे देश में पाँच मेगा उर्वरक परिसरों का संचालन कर रहा है। इफको भारत में लगभग 32% फास्फोरिक और 21% नाइट्रोजन उर्वरकों की मांग में योगदान देता है।

आज इफको एक बहुराष्ट्रीय कंपनी है जिसकी वैश्विक उपस्थिति सेनेगलओमानदुबई और जार्डन में है।अपने मुख्य उर्वरक व्यवसाय के अलावा इफको ने सामान्य बीमा,ग्रामीण मोबाइल टेलीफोनी,ग्रामीण -कामर्स,एसईजेड,कमोडिटी ट्रेडिंग,एग्रोकेमिकल्स और कृषि-इनपुट ग्रामीण खुदरा,आदि में विविधता लाई है। इसने किसानों को अपने कृषि उत्पादन में वृद्धि करने और इष्टतम लाभ प्राप्त करने में एक महान भूमिका निभाई है।इफको ने अपने उत्पादों को अपने -कामर्स उद्यम -बाजार के माध्यम से किसानों के दरवाजे पर उपलब्ध करायाहै और इस प्रकार डिजिटल क्षेत्र में जगह बनाई है।

हम इफको संगठन में  सहकारी समितियों और किसानों की सेवा करने की दिशा में काम करते हैं और किसान की आय को दोगुना करने के लिए हमारे माननीय प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रयास करते हैं इफ़को प्रधानमंत्री के "सहकार से समृद्धिके दृष्टिकोण के लिए भी प्रतिबद्ध है और देश भर में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए समर्पित है।

आजादी के अमृत महोत्सव के 75 वें वर्ष में इफको ने इस वर्ष माननीय प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करने की दिशा में सार्थक  मजबूत कदम बढ़ाये है जिसमें इफको ने हाल ही में नैनो प्रौद्योगिकी आधारित उत्पाद हमारे दूरदर्शी प्रबंध निदेशक डॉक्टर यू एस अवस्थी के नेतृत्व में संभव हुआ जो मिट्टी के पोषक तत्वों के आशाजनक विकल्प के रूप में उभरे है।नैनो उर्वरक उच्च पोषक तत्व दक्षता के साथ पर्यावरण के अनुकूल हौ और उनका उपयोग भूमिगत जल की गुणवत्ता पर एक बड़ा सकारात्मक प्रभाव देगा और ग्लोबल वार्मिंग में महत्वपूर्ण कमी को बढ़ावा देगा।इससे भारत को उर्वरकों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद मिलेगी। नैनो यूरिया का वाणिज्यिक उत्पादन कलोल इकाई में  शुरू हो चुका हैअब तक 4.0 करोड़ 500 मिलीलीटर बोतल( 18.0 लाख मैट्रिक टन यूरिया के बराबरका उत्पादन किया गया है और इसी तरह के संयंत्रों को प्रयागराज में फूलपुर सहित पूरे भारत में विभिन्न स्थानों पर स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया है।

और पौधो पर नैनो यूरिया के घोल के अनुप्रयोग के लिए ड्रोन पौद्योगिकी का उपयोग करते हुए स्प्रे सहित किसानों को नियमित छिड़काव प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है

पिछले वित्तीय वर्ष 2021- 22 में फूलपुर इकाई ने लगभग  14.78 लाख मैट्रिक टन  उत्पादन किया है। 1981 में अपनी स्थापना के बाद सेइफको की फूलपुर इकाई ने 472 लाख मैट्रिक टन से अधिक यूरिया उर्वरक का उत्पादन किया है।वर्तमान वित्तीय वर्ष 2022-23 में वार्षिक अनुरक्षण कार्य सफलतापूर्वक किया गया है और आशा है कि इस वर्ष हम नए मील के पत्थर हासिल करने में सक्षम होंगे।

इफको फूलपुर यूनिट ने उत्पादनऊर्जा संरक्षण पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा के क्षेत्र में हर साल विभिन्न संस्थानों से प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते हैं 2021-22 में निम्नलिखित पुरस्कार प्राप्त हुए 

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआईद्वारा फूलपुर इकाई को "ऊर्जा कुशल इकाईके रूप में सम्मानित किया गया है।

ग्रीनटेक फाउंडेशन द्वारा फूलपुर यूनिट को "ग्रीनटेक एनर्जी कंजर्वेशन अवॉर्ड 2021" के विजेता के रूप में सम्मानित किया गया है।

इफको फूलपुर यूनिट को प्रतिष्ठित

प्लैटिनम अवार्ड फार ग्रो केयर इंडिया एनर्जी एफिशिएंसी अवार्ड 2021" प्राप्त हुआ है।

हम पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है और और विभिन्न एजेंसियों द्वारा निर्धारित मानदंडों के भीतर अपने उत्सर्जन को अच्छी तरह से बनाए रखने के अलावा हम अपने परिसर के चारों ओर एक विस्तृत हरित पट्टी लगाए हुए हैं। फूलपुर इकाई में वृक्षारोपण एक नियमित विशेषता है।

इफको फूलपुर इकाई ने 1385 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है जिसका वातावरण में कॉर्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन में कमी पर पर्याप्त प्रभाव पड़ता है। अप्रैलजुलाई 2022 की अवधि के दौरान कुल सौर ऊर्जा उत्पादन 5.75 लाख KWh यूनिट है जो 430.0 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के बराबर है।

इफको फूलपुर यूनिट यूरिया उत्पादन के अलावा सहकारी ग्रामीण विकास ट्रस्ट (कॉर्डेटके माध्यम से कृषक समुदाय की सेवाओं में लगी हुई है जिसमें उसने मोतीलाल नेहरू किसान प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की है जो उन्नत कृषि पद्धतियों के क्षेत्रों में किसान को प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं कृषि विस्तार कार्यक्रम जैसे संतुलित उर्वरक कार्यक्रम मृदा परीक्षण और बीज उपचार पशु चिकित्सा चिकित्सा जांच शिविर पशुपालन और मछली पालन अभियान भी आयोजित किए जाते हैं।और किसानों को अपनी उत्पादकता और सामाजिक आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए नई कृषि तकनीकों को सीखने और लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।कार्डेट जैव-उर्वरक का तरल रूपो में भी उत्पादन करता है जो पूरे देश में बेचे जाते है। स्थानीय किसानों को लाभ देने के क्रम मेंकार्डेट आस-पास के किसानों से नीम के बी खरीद रहा है और इफको द्वारा नीम कोटिंग यूरिया के उत्पादन के लिए नीम के तेल का उत्पादन कर रहा है।

इफको की फूलपुर इकाई के आसपास के गाँवों और स्कूलों में  एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम (आईआरडीपीमहिला चेतना क्लब और ओम कल्याण समिति के माध्यम से केंद्र विडालियाकल्याण कार्यक्रम चलाने वाले विभिन्न सामुदायिक विकास कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों में स्वच्छता सुविधाओं की स्थापनाहैंडपंप की स्थापनाकंबलशॉल के सौर प्रकाश वितरण की स्थापना मुफ्त स्वास्थ्य शिविर का आयोजनस्कूल वर्दी का वितरणकक्षाओं का निर्माणयुवाओं को कारीगर प्रशिक्षण आदि शामिल है। इस महामारी के समय में इफको फूलपुर यूनिट ने आगे आकर आस-पास के ग्रामीणों और प्रवासी मजदूरों को भोजन के पैकेटसैनिटाइजर और फेस मास्क वितरण जैसी सभी सहायता प्रदान की।

इफकों पूरी तरह से किसानों के स्वामित्व वाले समिति इफ़को ने हमेशा लक्ष्य रखा है कि उसके सभी संयंत्रऊर्जा खपतउत्पादनपर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा के मामले में अन्य उद्योग की तुलना में अग्रणी बनी रहे और वह हासिल करने के लिए प्रौद्योगिकी में नवीनतम प्रगति के साथ संयंत्र को लगातार संशोधित किया जाता है। इफको फूलपुर इकाई ना केवल अच्छी गुणवत्ता वाले उर्वरक प्रदान करके बल्कि कृषि उत्पादन बढ़ाने और सुरक्षित स्वास्थ्य और पर्यावरण के अनुकूल वातावरण बनाने के लिए सेवाएं प्रदान करके राष्ट्र और विशेष रूप से किसानों की सेवा करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से इफको पिछले पाँच दशकों से लगातार किसानों की बेहतरी की दिशा में काम कर रहा है।

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