मोहल्ला आजादपुरा में गहराने लगा बून्द बून्द पानी का संकट

मोहल्ला आजादपुरा में गहराने लगा बून्द बून्द पानी का संकट

मोहल्ले में कई दिनों से नही आये नल ललितपुर। कोरोना संक्रमण की मार से तो पूरी दुनिया जूझ रही है, लेकिन शहर के अधिकांश मोहल्लो में हजारो लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैै। मोहल्लोंं कई दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप हो जाने से बाशिंदें हैंडपंप पर लाइन लगाने को मजबूर है। तो वहीं

मोहल्ले में कई दिनों से नही आये नल


ललितपुर।

कोरोना संक्रमण की मार से तो पूरी दुनिया जूझ रही है, लेकिन शहर के अधिकांश मोहल्लो में हजारो लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैै। मोहल्लोंं कई दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप हो जाने से बाशिंदें हैंडपंप पर लाइन लगाने को मजबूर है। तो वहीं मोहल्ले के कई हैंडपंप खराब पड़ेे है। जलसंस्थान द्वारा भेजे जा रहे टैंकर नाकाफी साबित हो रहे है। टेंकरो का भी समय निर्धारित नही है। जिससे लोगो को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जलसंस्थान के अधिकारियो व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती हुई नजर आ रही है। इतना ही नही उच्च अधिकारियों को भी जलसंस्थान के अधिकारी गुमराह कर रहे है।


शहर के मुहल्ला आजादपुरा वार्ड नंबर 16 में पेयजल की समस्या गहराने लगी है। यहां ऊंचाई वाले क्षेत्र में पहले से पेयजल की समस्या बनी हुयी है, जब कुछ अन्य क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति बाधित हो गई है। इससे समस्याग्रस्त क्षेत्र का दायरा बढ़ता जा रहा है। शहर में कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जापूर्ति सुचारू नहंी हो पा रहीं है। इसके पीछे कारण पाइप लाइनों में पानी का दबाव नहीं बन पा रहा है। सर्दी के मौसम में पानी की मांग कम थी तो स्थानीय नागरिकों को समस्या से ज्याादा तकलीफ नहीं हुयी। अब जब गर्मी की शुरूआत हो गई तो पानी की मांग बढऩे लगी। जो अमृत योजना के तहत निर्धन परिवारों को कनेक्षन दिये गये थे, उनमें से भी अधिकांश घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में जलापूर्ति सुचारू नहीं हो पा रहीं है। इससे स्थानीय नागरिकों की परेशानी बढऩे लगी है।


मोहल्ला आजादपुरा वार्ड नंबर 16 देहरी की टोरिया के पास लगभग डेढ़ सौ से दो सौ परिवार निवासरत हैं नल न आने से सभी लोग काफी परेशान हो रहे हैं। मोहल्ले में विगत कई दिनों से नल नहीं आए हैं इसकी जानकारी जल संस्थान के अधिकारियों को भी दी गई परंतु उनकी कोई भी सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि मोहल्ले में टैंकर तो आते हैं परंतु वह नाकाफी साबित हो रहे हैं मोहल्ले में टैंकर आने से भी कई घरों को पानी नहीं मिल पाता है उन्होंने बताया कि मोहल्ले में लगे हैंड पंप से एक या दो डिब्बे ही पानी मिल पाता है और हैंडपंप से पानी भी नीचे उतर जाता है जिसके बाद उन्हें 1 से 2 घंटा इंतजार करना पड़ता है जिसके बाद फिर उन्हें एक या दो ही डिब्बे पानी मिल पाता है। इसके अलावा देहरे मंदिर के पास लगा एक पुराना हैंडपंप भी काफी दिनों से खराब पड़ा है वहां से पानी मिल जाता था परंतु वह भी खराब हो गया है इसके बाद अब उन्हें उससे भी दूर पानी लेने के लिए जाना पड़ता है। मोहल्ले में बीते कई दिनों से पानी की सप्लाई नहीं आ रही है। इससे पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।  पानी की सप्लाई न आने से लोग बूंद बूंद पानी के लिए भटक रहे है। देश में कोरोना वायरस को लेकर शारीरिक दूरी बनाना महत्वपूर्ण है। लेकिन जब टैंकर आते है तो पानी भरने के लिए काफी भीड़ एकत्रित हो जाती है। भीड़ के चलते इसका पालन नहीं हो पा रहा। उन्होंने समस्या के लिए जल संस्थान के कर्मचारियों को दोषी ठहराया है।


इनका कहना है कि-


देहरे की टोरिया कहे जाने वाले इलाका पठारी इलाका है, जिस कारण वहाँ पर बोरिंग कराने का भी फायदा नही है। क्योंकि वहाँ पर बोरिंग पठारी इलाका होने की बजह से सक्सेस नही है। वहाँ पर नल ही एक मात्र सहारा है। परंतु नलों की पाइप लाइन बहुत पुरानी डली हुयी है। जिनमें पानी नहीं आता है, केवल देखने के लिए ही नल की पाइप लाइन डली हुयी है। जिस कारण पानी एक विकराल समस्या बनी हुई है।



इनका कहना है कि-
मोहल्ले में टैंकर तो आते हैं परंतु उनका कोई भी समय निर्धारित नहीं है लोग जब घरों में काम कर रहे होते हैं अक्सर टैंकर तभी आते है जिस कारण उन्हें पानी नहीं मिल पाता है और टैंकर भी दो ही आ रहे हैं जिससे पूरे मोहल्ले को पानी नहीं मिल पाता है इस कारण उन्हें रिसाला मंदिर के पास पानी की बड़ी पाइप लाइन से पानी भरते है, जिसकी दूरी आधा किलोमीटर है।

इनका कहना है कि-


दर्जनों शिकायती पत्र के बाद भी पानी की समस्या पर प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हमेशा से ही यहां पानी की समस्या आ रही है इसके लिए जिला प्रशासन व जल संस्थान को कई बार शिकायती पत्र दिए, लेकिन इसके बाद भी मोहल्ले को पेयजल नहीं मिल पाया, जिस कारण पूरा मोहल्ला परेशान है। जल संस्थान के कर्मचारियों द्वारा पेयजल सर्वे तो किया गया, लेकिन पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई। लेकिन कागजों में पानी पर्याप्त मात्रा में दिखा दिया गया।

पार्षद- वार्ड नंबर 16
इनका कहना   . . . . .
बुधवार को साइफन ने पानी छोड़ दिया था, जिस कारण पानी की सप्लाई नही हो सकी, परन्तु जल्द ही मोहल्ले पानी की सप्लाई सुचारू हो जायेगी।


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