सीपीआर प्रशिक्षण महाअभियान सफलतापूर्वक संपन्न

महाअभियान का सफल आयोजन किया गया

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स्वतंत्र प्रभात | बेतिया से संवाददाता की रिपोर्ट
प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश
 
बेतिया। बरवत सेना, बेतिया स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में दिनांक 02 मई 2026 को एक विशाल सीपीआर प्रशिक्षण महाअभियान का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आरोग्य चैरिटेबल ट्रस्ट एवं विद्यालय के पूर्व छात्र परिषद के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर कक्षा नवम, दशम, एकादश एवं द्वादश के भैया-बहनों एवं सभी आचार्य बंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जीवन रक्षक तकनीक सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
 
कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक व पूर्व छात्र डॉ. मनीष कुमार ने सीपीआर की महत्वपूर्ण विधियों को सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट जैसी आपात स्थिति में सही समय पर दिया गया सीपीआर किसी भी व्यक्ति की जान बचा सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि हर व्यक्ति को यह जीवन रक्षक कौशल अवश्य सीखना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता दी जा सके। सीपीआर देने के लिए देखें कि आसपास का माहौल सुरक्षित है। व्यक्ति को समतल और सख्त जमीन पर पीठ के बल लिटाएं। कंधे थपथपाकर और जोर से पूछकर जांचें कि क्या वे होश में हैं।
 
सहायता बुलाएं। यदि कोई प्रतिक्रिया न मिले, तो तुरंत स्थानीय आपातकालीन नंबर (जैसे 102 या 112) पर कॉल करें या किसी को बुलाने के लिए कहें। अपने एक हाथ की हथेली को पीड़ित की छाती के बिल्कुल बीच में (निप्पल लाइन के बीच) रखें।दूसरे हाथ को पहले हाथ के ऊपर रखें और उंगलियों को इंटरलॉक (लॉक) कर लें।अपनी कोहनियों को सीधा रखते हुए, अपने कंधों का उपयोग करके जोर से और तेजी से दबाएं (कम से कम 2 इंच या 5-6 सेमी गहराई तक)।
 
दर  100-120 बार प्रति मिनट की गति से दबाएं (यह 'स्टेइन ' ए लाइव ' गाने की धुन जैसी गति है)। हर बार दबाने के बाद छाती को पूरी तरह से ऊपर आने दें। सांस देना (रेस्क्यू ब्रेथस - वैकल्पिक): यदि आप प्रशिक्षित हैं, तो 30 बार छाती दबाने के बाद 2 बार मुंह से सांस दें। इसके लिए व्यक्ति का सिर पीछे करें, नाक बंद करें और 1 सेकंड के लिए सांस फूंकें। जब तक चिकित्सा सहायता न आ जाए, तब तक 30 कंप्रेशन और 2 सांस (30:2) का चक्र जारी रखें।
 
बेतिया नगर के सुप्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट व पूर्व छात्र डॉ रविराज दूबे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि छोटे स्तर से ही बच्चों में ऐसी उपयोगी जीवन कौशल का विकास होना अत्यंत आवश्यक है। इससे उनमें सेवा, साहस और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। सही समय पर सीपीआर से जान बचाई जा सकती है। उन्होंने भैया बहनों से वादा किया कि भविष्य में वो इस विषय पर और भी सत्र लेंगे।
 
वहीं प्रभारी प्रधानाचार्य लखींद्र कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
 
विदित हो कि विद्यालय के प्रधानाचार्य फणीश्वरनाथ ने यह योजना पूर्व में बनाई थी।कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, आचार्य बंधु भगिनी एवं भैया बहनों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यालय परिवार ने समाज में जागरूकता फैलाने और "हर घर सीपीआर" के संकल्प को मजबूत करने का संदेश दिया।
 
मौके पर  पूर्व छात्र प्रमुख विवेक किशोर, पूर्व छात्र समीर पाठक, विवेक किशोर, उनके सहयोगी पवन किशोर, निर्भय किशोर, दीपक कुमार, राजेश चौरसिया, मनीष कुमार, हेमंत कुमार, सत्येंद्र झा, पवन कुमार, की उपस्थिति दर्ज हुई। धन्यवाद ज्ञापन आचार्य पवन कुमार सिंह ने किया।

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