कुलपति प्रो. कविता शाह ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित परीक्षा केंद्र का  औचक निरीक्षण कर परीक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा, दिशा-निर्देश दिए

यदि किसी केंद्र पर इस संबंध में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित परीक्षा केंद्र के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में सत्र 2025–26 की सम सेमेस्टर परीक्षाएं आज से स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए विधिवत रूप से प्रारंभ हो गई हैं। इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण कर परीक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
 
कुलपति प्रो. कविता शाह ने अपने वक्तव्य में कहा कि विद्यार्थी जीवन में परीक्षा का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान होता है। यह केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के ज्ञान, क्षमता एवं व्यक्तित्व का समग्र मूल्यांकन है। परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थी अपनी तैयारी का आकलन करते हैं, अपनी कमियों को पहचानते हैं तथा भविष्य की दिशा निर्धारित करते हैं।
 
परीक्षा नियंत्रक  दीनानाथ यादव ने बताया कि सम सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में कुल 234 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें कुल 204,351 परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं। इनमें स्नातक स्तर पर लगभग 18,2051 विद्यार्थी तथा स्नातकोत्तर स्तर पर लगभग 22300 परीक्षार्थी परीक्षा में भाग ले रहे हैं।उन्होंने बताया कि सभी केंद्राध्यक्षों को सुचितापूर्ण, व्यवस्थित एवं नकल-विहीन परीक्षा कराने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका अनुपालन प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जा रहा है।
 
परीक्षा नियंत्रक ने आगे बताया  विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रशासनिक भवन में एक केंद्रीय सीसी टीवी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से सभी परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से तीनों पालियों में सघन निगरानी की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व, परीक्षा के दौरान एवं परीक्षा समाप्ति के पश्चात तक सीसीटीवी कैमरे निरंतर संचालित रहें। किसी भी स्थिति में कैमरे बंद नहीं होने चाहिए। यदि किसी केंद्र पर इस संबंध में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित परीक्षा केंद्र के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 
कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में आयोजित परीक्षाओं का वातावरण सकारात्मक एवं अनुशासित होना चाहिए। उन्होंने केंद्राध्यक्षों, कक्ष निरीक्षकों एवं विद्यार्थियों से अपील की कि सभी मिलकर परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में सहयोग करें।उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना केंद्रों की जिम्मेदारी है तथा कक्ष निरीक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी सावधानी एवं निष्पक्षता के साथ करें। केंद्राध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे निरंतर परीक्षा कक्षों का निरीक्षण करते रहें।
 
डॉ. अश्विनी कुमार ने यह भी कहा कि जितनी व्यवस्थित एवं पारदर्शी परीक्षा होगी, उतना ही यह विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने स्वच्छता, अनुशासन एवं सकारात्मक वातावरण को परीक्षा की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
 
औचक निरीक्षणमंगलवार को विभिन्न संबद्ध महाविद्यालयों में परीक्षा नियंत्रक  दीनानाथ यादव एवं कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार द्वारा कई परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्राध्यक्षों एवं कक्ष निरीक्षकों को नकल-विहीन एवं सुचारु परीक्षा संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
 
अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की है कि वे अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ निर्वहन करते हुए परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराएं तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में अपना योगदान दें।

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