विश्वविद्यालय में आयोजित होगा 13 अप्रैल एक दिवसीय कार्यशाला

कृषक सशक्तिकरण तथा सुशासन की अवधारणा को जमीनी स्तर तक सुदृढ़ करना है

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सिद्धार्थनगर / सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर द्वारा 13 अप्रैल 2026 को “विकसित भारत के संदर्भ में शिक्षा, उद्यानिकी एवं सुशासन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप शिक्षा के विस्तार, उद्यानिकी के माध्यम से कृषक सशक्तिकरण तथा सुशासन की अवधारणा को जमीनी स्तर तक सुदृढ़ करना है।
 
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रातः 11:00 बजे कुलपति प्रो. कविता शाह की अध्यक्षता में होगा। मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य विकास अधिकारी  बलराम सिंह तथा विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रो. नौशाद (कम्युनिटी मेडिसिन, एम.पी. त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय) उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन के पश्चात चार तकनीकी सत्र एवं समापन सत्र आयोजित होंगे, जिनमें प्रो. नीता यादव, प्रो. सौरभ, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, डॉ. रविकांत सहित अन्य प्राध्यापक अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
 
कुलपति प्रो. कविता शाह ने आयोजित होने वाली कार्यशाला की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विश्वविद्यालय के “विश्वविद्यालय चला गांव की ओर” अभियान के अंतर्गत गांवों को विश्वविद्यालय से जोड़ने का सतत प्रयास किया जा रहा है। इस कार्यशाला के माध्यम से ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम स्तर के नेतृत्व को जोड़ते हुए विश्वविद्यालय एवं ग्रामीण समाज के बीच संवाद और समन्वय को सुदृढ़ किया जाएगा।
 
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य युवाओं, कृषकों एवं अभिभावकों को शिक्षा, उद्यानिकी, कौशल एवं सुशासन के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे विकास की प्रक्रिया में सक्रिय सहभागी बन सकें। विश्वविद्यालय अपने सामाजिक दायित्व के अंतर्गत ऐसे कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन कर रहा है और यह कार्यशाला उसी क्रम की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उक्त जानकारी विश्वविद्यालय के सूचना जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने दी।
 

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