सरोजनी नायडू मार्ग पर 'अर्बन बाजार' के खिलाफ सड़क पर उतरे पटरी दुकानदार

अनिश्चितकालीन धरना शुरू*सिविल लाइंस उद्योग व्यापार मंडल द्वारा समर्थन, नगर निगम पर 'स्ट्रीट वेंडर एक्ट 2014' के उल्लंघन का आरोप; 450 दुकानदारों के भविष्य पर मंडराया संकट

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ब्यूरो प्रयागराज। संगम नगरी के सरोजनी नायडू मार्ग पर पिछले साढ़े तीन दशकों से रोजी-रोटी कमा रहे पटरी दुकानदारों और नगर निगम के बीच विवाद अब आर-पार की लड़ाई में बदल गया है। नगर निगम द्वारा दुकानदारों को हटाने के फरमान के खिलाफ सोमवार से दुकानदारों ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मामला स्वीकृत 'वेंडिंग जोन' की जगह 'अर्बन बाजार' के टेंडर निकाले जाने से जुड़ा है, जिसे दुकानदार बड़े ठेकेदारों को फायदा पहुँचाने की साजिश करार दे रहे हैं।
 
प्रदर्शनकारी दुकानदारों ने दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि स्ट्रीट वेंडर एक्ट 2014 के प्रभावी होने के बाद, वर्ष 2020 में टाउन वेंडिंग कमेटी ने इसी मार्ग पर 450 दुकानों के लिए वेंडिंग जोन का प्रस्ताव पास किया था। इसके लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत शासन से बजट भी जारी हो चुका है। पूर्व नगर आयुक्त चन्द्र मोहन गर्ग ने 2023 में सर्वे के बाद वेंडिंग जोन बनाने का स्पष्ट आदेश दिया था। दुकानदारों का आरोप है कि वर्तमान नगर आयुक्त साई तेजा ने पूर्व के आदेशों और नियमों को दरकिनार करते हुए उसी स्थान पर 'अर्बन बाजार' का टेंडर जारी कर दिया है।
 
आरोप है कि यह प्रक्रिया छोटे दुकानदारों को विस्थापित कर बड़े पूंजीपतियों को लाभ देने के लिए की गई है। नगर निगम ने केवल 3 दिन की मोहलत देकर दुकानदारों को हटने का अल्टीमेटम दिया है, जो प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है।हम 35 वर्षों से यहाँ काम कर रहे हैं। जब वेंडिंग जोन के लिए पैसा पास हो चुका है, तो हमें उजाड़कर अर्बन बाजार बनाने का क्या औचित्य है? यह सीधे तौर पर हमारे पेट पर लात मारना है। एक प्रदर्शनकारी दुकानदार प्रमुख मांगें टेंडर रद्दीकरण नगर निगम द्वारा निकाले गए 'अर्बन बाजार' के टेंडर को तत्काल निरस्त किया जाए।
 
वेंडिंग जोन की स्थापना स्वीकृत धनराशि से प्रस्तावित वेंडिंग जोन ही बनाया जाए ताकि 450 परिवारों का रोजगार सुरक्षित रहे। फिलहाल, सरोजनी नायडू मार्ग पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। बड़ी संख्या में दुकानदार अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। अब देखना यह है कि नगर निगम प्रशासन इस जन-आक्रोश के बीच बीच का रास्ता निकालता है या विस्थापन की कार्रवाई जारी रखता है।

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