खतरनाक रास्तों से स्कूल जाने को मजबूर बच्चे

विद्यालय मर्जर पर उठा सवाल

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बस्ती)। बस्ती जिले के महादेव क्षेत्र के भरवलिया गांव में प्राथमिक विद्यालय के मर्जर के बाद स्कूली बच्चों को खतरनाक रास्तों से होकर दूसरे गांव में पढ़ने जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने मर्जर को नियम विरुद्ध बताते हुए विद्यालय को पुनः संचालित करने की मांग उठाई है।
 
बताया जाता है कि जगदम्बिका पाल के पैतृक गांव भरवलिया स्थित प्राथमिक विद्यालय को करीब एक वर्ष पूर्व पास के चित्राखोर गांव में मर्ज कर दिया गया था। इस निर्णय के विरोध में बनकटी ब्लॉक के पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष व पूर्व सभासद वीरेंद्र बहादुर पाल ने जिलाधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मर्जर में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया था।
 
बुधवार को बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित नवारंभ उत्सव के दौरान एक बार फिर वीरेंद्र बहादुर पाल के नेतृत्व में सूर्यनगर वार्ड के सभासद ऋषिराज मुनि एवं ग्रामीणों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार त्रिपाठी को संबोधित ज्ञापन एआरपी मनोज कुमार उपाध्याय को सौंपा।
 
ग्रामीणों का कहना है कि शासनादेश के अनुसार बच्चों को राष्ट्रीय राजमार्ग, नदी या नाले को पार कर विद्यालय जाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, लेकिन इन नियमों की अनदेखी करते हुए भरवलिया के विद्यालय को करीब डेढ़ किलोमीटर दूर चित्राखोर में मर्ज कर दिया गया है। इससे छोटे-छोटे बच्चों को जोखिम भरे रास्तों से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है।
 
वीरेंद्र बहादुर पाल उर्फ बब्बू पाल ने मांग की है कि मर्जर को निरस्त कर भरवलिया के विद्यालय को पुनः चालू किया जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा सुरक्षित वातावरण में हो सके। इस दौरान शिव कुमार पाल, प्रेरित पाल, चंद्रभान पाल, घनश्याम पाल, रणविजय पाल, अवधेश पाल, राहुल पाल, अनिकेत पाल, गीता पाल, इंद्रावती पाल सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

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