युवाओं में प्रेरणा के पुरोधा है श्री प्रेमानंद जी महाराज

श्री प्रेमानंद जी महाराज जन्मदिवस विशेष

Sachin Bajpai Picture
Published On

प्रेमानंद जी महाराज जन्मोत्सव 2026: वृंदावन में भक्ति की दिव्य लहरें

राधे राधे! आज वृंदावन धाम में राधा-नाम की मधुर धुन गूंज रही है। लाखों भक्तों के हृदय में एक ही नाम है – श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज। 19 मार्च  को उनके पावन जन्मोत्सव का मुख्य दिन मनाया गया। श्री हित राधा केली कुंज (वराह घाट, परिक्रमा मार्ग, वृंदावन) में 13 मार्च से 19 मार्च तक चला यह 7 दिवसीय भव्य उत्सव अब समाप्त हो चुका है, लेकिन भक्ति की लहरें अभी भी पूरे ब्रज में गूंज रही हैं।

यह सिर्फ एक संत का जन्मदिन नहीं, बल्कि राधारानी के अनन्य भक्त और सरल भक्ति के प्रतीक का उत्सव है, जिसने लाखों लोगों के जीवन को राधा-नाम से जोड़ दिया है।

प्रेमानंद जी महाराज युवाओं के प्रेरणा पुरोधा

पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज (जिन्हें प्रेमानंद महाराज या प्रेमानंद जी महाराज के नाम से जाना जाता है) का जन्म 30 मार्च 1969 को उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सरसौल ब्लॉक के अखरी गांव में एक साधारण ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। वे अंग्रेजी तिथि के बजाय हिंदू पंचांग (विक्रम संवत) के अनुसार चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा/पंचमी के आसपास अपना जन्मोत्सव मनाते हैं, इसी कारण उत्सव मार्च के मध्य (13-19 मार्च) मनाया जाता है। बचपन से ही भक्ति की ज्वाला उनके मन में जल रही थी। मात्र 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने घर त्याग दिया और वृंदावन धाम आकर राधा वल्लभ संप्रदाय की शरण में समर्पित हो गए। गुरु कृपा से वे प्रेमानंद गोविंद शरण बने और आज राधा केली कुंज के प्रमुख रसिक संत के रूप में पूरे देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं। 

2026 जन्मोत्सव: भव्य आयोजन और उत्साह

रमजान माह में जुमे की नमाज अदा, अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ Read More रमजान माह में जुमे की नमाज अदा, अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ

इस वर्ष जन्मोत्सव 13 मार्च से 19 मार्च 2026 तक धूमधाम से मनाया गया। राधा केली कुंज को फूलों, रंगोली और दिव्य सजावट से सजाया गया। रोजाना विशेष दर्शन, राधा-नाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन, सत्संग और प्रसादी वितरण का कार्यक्रम रहा। 19 मार्च को मुख्य उत्सव के दिन भक्तों ने महाराज जी को फूलों की मालाएं चढ़ाईं, आरती उतारी और राधे-राधे का जयघोष किया।

पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी, जांच में कुछ नहीं मिला Read More पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी, जांच में कुछ नहीं मिला

महाराज जी की सरलता और संदेश क्यों इतने लोकप्रिय?

उन्मादी भीड़ का ‘तालिबानी फरमान’के सामने बेबस पुलिस,22 घंटे तक बना रहा बंधक,पुलिस रही खामोश  Read More उन्मादी भीड़ का ‘तालिबानी फरमान’के सामने बेबस पुलिस,22 घंटे तक बना रहा बंधक,पुलिस रही खामोश 

प्रेमानंद जी महाराज की सबसे बड़ी खासियत उनकी सरलता है। कोई आडंबर नहीं, कोई दिखावा नहीं – बस राधा-कृष्ण के प्रेम में डूबे रहना।उनके प्रवचन जटिल शास्त्र नहीं, बल्कि माँ की लोरी जैसे सरल और हृदयस्पर्शी होते हैं। मुख्य संदेश: “राधा नाम ही सब कुछ है। भक्ति में सरलता रखो, प्रेम करो, नाम जपो – यही सच्चा मार्ग है।”वे खुद को राधारानी का दास मानते हैं। उनकी वाणी में वृंदावन की मिट्टी, यमुना की लहरें और रासलीला की मधुरता झलकती है।अमीर-गरीब, युवा-बुजुर्ग सभी के लिए समान प्रेम। उनके दर्शन से हजारों लोग भाव-विभोर होकर रो पड़ते हैं या नाम जपने लगते हैं।आज के युग में जब लोग तनाव और माया में फंसे हैं, महाराज जी की शिक्षाएं जीवन को सरल, सुखी और भक्ति-मय बनाने का मार्ग दिखाती हैं।

Premanand Ji Maharaj Birthday 2026: वृंदावन में भक्ति महापर्व, 19 मार्च को मनाया गया जन्मोत्सव | Radha Keli Kunj

महाराज जी सिखाते हैं कि असली जन्मदिन वह है जब हम अंदर की माया त्यागकर भक्ति में नया जन्म लें। आज के दिन हम सब प्रार्थना करें:“हे प्रेमानंद जी महाराज! आपकी कृपा से हमारा मन राधा नाम में लगे, जीवन प्रेम और शांति से भरा रहे। राधे राधे!”राधे राधे पूज्य महाराज जी को जन्मोत्सव की कोटि-कोटि शुभकामनाएं। आपकी कृपा सदैव बनी रहे। जय श्री हित राधा केली कुंज! जय प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज! 

About The Author

Post Comments

Comments