गोरखपुर ग्रामीण अंचलों में चैत्र नवरात्र की धूम, मंदिरों से बाजार तक दिखी आस्था की रौनक

19 मार्च से शुरू होंगे नौ दिन, कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त तय, मां दुर्गा की सवारी इस बार ‘डोली’

शत्रुघन मणि त्रिपाठी  Picture
Published On

रिपोर्टर/रामअशीष तिवारी (खजनी झसिल)

ख़जनी गोरखपुर जनवद के दक्षिणांचल  क्षेत्र खजनी तहसील के ग्रामीण इलाकों में चैत्र नवरात्र को लेकर माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। 19 मार्च से शुरू होने वाले नौ दिवसीय पर्व की तैयारियां गांव-गांव के मंदिरों और बाजारों में जोर-शोर से चल रही हैं। मां कोटही देवी समेत क्षेत्र के प्रमुख देवी मंदिरों में सजावट का कार्य अंतिम चरण में है, वहीं श्रद्धालु भी पूजा-अर्चना की तैयारियों में जुट गए हैं।

गोगहरा स्थित समय माता मंदिर, शीतला माता मंदिर और गांवों के काली मंदिरों में विशेष साफ-सफाई और आकर्षक सजावट की जा रही है। नवरात्र के दौरान इन मंदिरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर समितियां व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में लगी हैं।

इधर खजनी बाजार में भी नवरात्र की रौनक साफ दिखाई दे रही है। दुकानों पर मां दुर्गा के श्रृंगार से जुड़ी वस्तुओं की भरमार है। लाल और गोटेदार चुनरी, माता का लहंगा, चूड़ी, माला, हार, पायल, बिंदी, सिंदूर, काजल, महावर, त्रिशूल, अखंड दीपक और मुकुट की खरीदारी तेजी से बढ़ रही है। मिट्टी के कलश और व्रत के सामान की भी जमकर बिक्री हो रही है।

चोपन पुलिस को मिली बड़ी सफलता, महिला से संबंधित मुकदमे में वांछित 01 अभियुक्त गिरफ्तार, भेजा न्यायालय Read More चोपन पुलिस को मिली बड़ी सफलता, महिला से संबंधित मुकदमे में वांछित 01 अभियुक्त गिरफ्तार, भेजा न्यायालय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र नवरात्र में आदिशक्ति मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने से सुख, शांति और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। नवरात्र के दौरान मंदिरों की घंटियों की गूंज और घरों में जलने वाली अखंड ज्योति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए आंसू बहा रहा Read More आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी बस्ती जिले के परशुरामपुर ब्लाक का गांव नागपुर कुंवर विकास के लिए आंसू बहा रहा

 कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

महिला जनसुनवाई में 50 से अधिक मामलों की सुनवाई, पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय दिलाने के दिए निर्देश। Read More महिला जनसुनवाई में 50 से अधिक मामलों की सुनवाई, पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय दिलाने के दिए निर्देश।

पंडितों के अनुसार 19 मार्च को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः 6:53 से 7:43 बजे तक है। यदि इस समय में स्थापना न हो सके तो अभिजीत मुहूर्त (दोपहर 12:06 से 12:54 बजे तक) में भी कलश स्थापना की जा सकती है। इस दौरान मिट्टी के पात्र में जौ बोकर जल से भरे कलश पर आम के पत्ते और नारियल स्थापित किया जाता है, जो देवी शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

IMG_20260318_192957

पुजारियों के अनुसार इस वर्ष नवरात्र गुरुवार से शुरू हो रहा है, जिसके चलते मां दुर्गा की सवारी ‘डोली’ मानी जा रही है। शास्त्रों के अनुसार अलग-अलग वार पर माता की सवारी बदलती है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व होता है। डोली की सवारी को परिवर्तन और विशेष घटनाओं का संकेत भी माना जाता है।
नवरात्र के नौ दिनों में श्रद्धालु व्रत रखकर देवी मंत्रों का जाप करते हैं और मां दुर्गा की आराधना कर जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। पूरे क्षेत्र में नवरात्र को लेकर उत्साह चरम पर है।

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें

नवीनतम समाचार