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गोरखपुर ग़ोला में नायब तहसीलदार उरुवा की कोर्ट में अधिवक्ताओं के बीच मारपीट,;
कुर्सी का पाया निकालकर किया हमला;एक पर मुकदमा दर्ज
रिपोर्ट/ बृजनाथ तिवारी (ग़ोला तहसील)
गोरखपुर जनपद के गोला तहसील परिसर स्थित नायब तहसीलदार उरुवा की अदालत में शनिवार को अचानक अफरा-तफरी मच गई। दो अधिवक्ताओं के बीच किसी कानूनी बिंदु को लेकर शुरू हुई बहस तेजी से तीखी नोकझोंक में बदल गई। विवाद इतना बढ़ा कि एक अधिवक्ता ने पास पड़ी टूटी कुर्सी का पाया निकालकर दूसरे पर हमला कर दिया। हमले में दोनों अधिवक्ता चोटिल हो गए और एक पीड़ित कुछ देर के लिए अचेत भी हो गया। अदालत परिसर में मौजूद अन्य अधिवक्ताओं और कर्मचारियों ने किसी तरह बीच-बचाव कर स्थिति को काबू में किया।
*पीड़ित अधिवक्ता का आरोप*
अवरुस गांव निवासी अधिवक्ता रणविजय चंद पुत्र अर्जुन चंद ने गोला थाने में दी गई लिखित तहरीर में बताया कि 13 मार्च को वे अपने मुवक्किल के मुकदमे की पैरवी के लिए कोर्ट पहुंचे थे। उसी समय कुशलदेइया गांव निवासी अधिवक्ता मनोज कुमार तिवारी पुत्र स्व. गोरखनाथ तिवारी भी वहां मौजूद थे।
रणविजय चंद के अनुसार, बहस के दौरान मनोज तिवारी ने उन्हें भद्दी गालियां दीं। जब उन्होंने विरोध किया तो मनोज तिवारी ने कुर्सी का पाया निकालकर उन पर हमला कर दिया। पीड़ित ने कहा कि हमले के बाद वे घायल हो गए और कुछ समय के लिए बेहोश भी हो गए।
दोनों पक्ष थाने पहुंचे
घटना के तुरंत बाद दोनों अधिवक्ता गोला थाने पहुंचे और लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। रणविजय चंद की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 (मारपीट) और धारा 110 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
समाचार लिखे जाने तक दूसरे पक्ष की तहरीर पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।
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गोला थाना प्रभारी राकेश रोशन सिंह ने बताया, “पीड़ित अधिवक्ता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर पूरी घटना की तहकीकात कर रही है।

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