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राहवीर योजना से भय को निकालने की जरूरत
इस जीवनदायिनी योजना को प्रभावी बनाने के लिए सरकार को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करना चाहिए
विचार-स्वतंत्र प्रभात
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाने और दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की जान बचाने के उद्देश्य से पिछले वर्ष अप्रैल से लागू की गई राहवीर योजना वास्तविक धरातल पर कितनी सफल हो रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक वर्ष में महज 14 लोगों को ही शासन की ओर से इस योजना के अंतर्गत पुरस्कार राशि स्वीकृत हुई है । मध्य प्रदेश देश का चौथा ऐसा राज्य है जहां सर्वाधिक वाहन दुर्घटनाएं होती हैं। प्रदेश में प्रतिदिन 150 से अधिक वाहन दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें करीब 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को तत्काल इलाज उपलब्ध हो सके, इस जनहितैषी सोच के साथ पिछले वर्ष अप्रैल में राहवीर योजना शुरू की गई। इसका उद्देश्य यह है कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचा कर उसकी जान बचाने वाले व्यक्ति को शासन की ओर से 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाए । निश्चित रूप से मध्य प्रदेश सरकार की यह योजना सराहनीय है, लेकिन व्यापक प्रचार-प्रसार के अभाव और कानूनी तथा पुलिसिया कार्यवाही के भय के कारण आज भी कई लोग सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तड़पता छोड़कर आगे बढ़ जाते हैं।
इस जीवनदायिनी योजना को प्रभावी बनाने के लिए सरकार को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करना चाहिए और लोगों के मन से यह भय भी दूर करना चाहिए कि घायल व्यक्ति की मदद करने पर उन्हें कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा । प्रदेश शासन को चाहिए कि दुर्घटना में किसी की जान बचाने वाले व्यक्ति को एक माह के भीतर ही राहवीर योजना की राशि प्रदान की जाए और जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया जाए। इससे समाज में लोगों का भय दूर होगा और घायलों के प्रति संवेदना भी बढ़ेगी । यदि सरकार चाहे तो राहवीर योजना का प्रचार-प्रसार स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों के माध्यम से भी किया जा सकता है। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ग्रामीण से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक विशेष प्रयास करने होंगे।
वर्तमान में वाहन दुर्घटना में सर्वाधिक शिकार युवा होते हे ! दुर्घटना में अधिकांश युवा के हताहत होने का एक कारण नशा कर तेज गति से वाहन चलाना भी सामने आता हे ! वही कुछ युवा जवानी के जोश में वाहनों द्रुतगति से चला कर अपना और दूसरों का जीवन खतरे में डालते हे ! शासन प्रशासन को विशेषकर तेज गति से वाहन चलाने वाले नाबालिग और युवा चालकों पर सख्ती बरतना बेहद जरूरी है । इसके अलावा जिला प्रशासन की जवाबदेही तय की जानी चाहिए कि वह यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए। जिस जिले में दुर्घटनाओं का ग्राफ सबसे कम हो, वहां के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी शासन की ओर से प्रोत्साहन दिया जाए । यदि इन उपायों पर गंभीरता से अमल किया जाए तो निश्चित ही राहवीर योजना प्रदेश के लोगों के जीवन में वरदान साबित हो सकती है ।

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