बस्ती में बिजली कर्मियों का आंदोलन 11वें दिन भी जारी

अधीक्षण अभियंता अपने तुगलकी फरमान पर कायम

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बस्ती। बस्तीजिले में उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहा आंदोलन मंगलवार को 11वें दिन भी जारी रहा। अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल बस्ती के विरुद्ध कर्मचारियों ने हठधर्मिता और समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन जारी रखा है ।
 
धरने को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष कामरेड अशर्फीलाल ने कहा कि विद्युत वितरण मंडल बस्ती और संगठन के बीच मुख्य विकास अधिकारी की मौजूदगी में यह सहमति बनी थी कि वर्तमान निविदा प्रक्रिया में आउटसोर्स संविदा श्रमिकों की नियुक्ति वरिष्ठता के आधार पर की जाएगी। लेकिन आरोप है कि अधीक्षण अभियंता द्वारा समझौते का पालन न करते हुए कनिष्ठ कर्मियों को वरीयता देकर अंतिम सूची जारी कर दी गई, जो पूर्व सहमति के विपरीत है।
 
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा जारी आदेश संख्या 295, दिनांक 15 मई 2017 में स्पष्ट मानक निर्धारित हैं कि प्रति फीडर एक गैंग में एक कुशल और दो अकुशल कर्मी (कुल तीन सदस्य) होने चाहिए। कर्मचारियों का कहना है कि निर्धारित मानकों से कम संख्या में निविदा अनुबंध किया गया है, जो कॉरपोरेशन के आदेशों का उल्लंघन है।
 
आरोप यह भी लगाया गया कि अधिशासी अभियंता (सदर, रूधौली ग्रामीण एवं हरैया) द्वारा अधीक्षण अभियंता के सहयोग से सूची में अनियमितताएं की गई हैं। संगठन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आउटसोर्स श्रमिकों की जारी सूची की वरिष्ठता मानकों के अनुसार निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से समाधान निकालकर धरना समाप्त कराया जाए।
 
धरने में मुख्य रूप से सुधीर कुमार, रमेश कुमार, अमरपाल गौतम, बाल गोविंद, संजय राही, नीरज कुमार और नितेश श्रीवास्तव सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस पूरे मामले को लेकर फ़ोन पर अधीक्षण अभियंता से बात करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो पाया ।

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