गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हर्रैया में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम

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बस्ती। बस्ती जिले के सीएच सी हरैया गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हर्रैया में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 07 दिसम्बर 2024 से 24 मार्च 2025 तक चले 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों (एलटी, बीसीपीएम, एक्सरे टेक्नीशियन, सीएचओ, एएनएम, आशा और ट्रांसपोर्टर) को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 08 टीबी मरीजों को पोषण पोटली का वितरण किया गया।
 
कार्यक्रम में बेहतर कार्य करने पर बीसीपीएम जन्मेजय उपाध्याय, एक्सरे दीपनारायन गुप्ता, सीएचओ अंजली सिंह, पूजा वर्मा, अनीता चौधरी, कुमारी शीला, शिवांक भदौरिया, पाखी, रवि सोनकर, सुनील वर्मा, विजय पाल, सुप्रिया भारती,
 
एएनएम निधि शुक्ला, नीलम पाण्डेय, सुशीला देवी, संगीता द्विवेदी, निधि वर्मा, पूनम त्रिपाठी, रजनी श्रीवास्तव
तथा एलटी अंकित सिंह, धर्मेन्द्र मिश्रा, ट्रांसपोर्टर पुन्नी लाल, उदय प्रताप शुक्ल, मृगेन्द्र पाण्डेय सहित आशा कार्यकर्ता पूजा सिंह, नीलिमा मिश्रा, रेखा देवी, रजनी शर्मा, कंचन राव, शैलेन्द्री श्रीवास्तव, चंद्रावती देवी सहित लगभग 35 आशाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
 
वहीं  विनोद, शेषमणि, सावित्री देवी, पतिराम, रामसागर, लक्ष्मी, अरविंद, शिवपूजन सहित कुल 08 टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई। इसके बाद स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती सभी मरीजों को फल (केला एवं सेब) वितरित किए गए।
 
अधीक्षक डा. अभय कुमार सिंह ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में जमीनी स्तर पर कार्यरत सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज जिन स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित किया गया है, वे दूसरों के लिए प्रेरणा हैं।
 
चिकित्साधिकारी डा. आर के सिंह ने कहा कि 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान के दौरान स्वास्थ्य टीम ने उत्कृष्ट समन्वय के साथ कार्य किया है। समय पर मरीजों की पहचान, उपचार और पोषण सहयोग से ही टीबी मुक्त भारत का सपना साकार होगा।
 
एमओटीसी डॉ. नंद लाल यादव ने कहा कि टीबी मरीजों को केवल दवा ही नहीं, बल्कि पोषण और मानसिक सहयोग भी आवश्यक है। पोषण पोटली वितरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।एसटीएस राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि फील्ड लेवल पर आशा और एएनएम द्वारा की गई मेहनत से टीबी मरीजों की नियमित फॉलोअप और उपचार सुनिश्चित हो सका है।
 
अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। एसटीएलएस संजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि समय पर जांच, गुणवत्तापूर्ण सैंपल कलेक्शन और रिपोर्टिंग से टीबी नियंत्रण में तेजी आई है। पूरी टीम ने जिम्मेदारी के साथ कार्य किया है।
 
कार्यक्रम के अंत में सभी स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साहवर्धन किया गया और टीबी उन्मूलन के लिए इसी तरह समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया गया।इस दौरान डा उमेश चतुर्वेदी, डा योगेश शुक्ल, रत्नाकर सिंह,  बीपीएम कृष्णमोहन सिंह, टीपी पाण्डेय, मनोज सिंह, धीरेंद्र मिश्र, अमरनाथ सिंह, संतोष तिवारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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