बलरामपुर महिला अस्पताल का होगा कायाकल्प, AI अल्ट्रासाउंड मशीन और हाइटेक लेबर रूम की मिलेगी सुविधा

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बलरामपुर के जिला महिला चिकित्सालय को ₹1.52 करोड़ के बजट से आधुनिक बनाया जाएगा। इसमें एआई-आधारित अल्ट्रासाउंड मशीनें, निश्चेत वर्क स्टेशन और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर उपकरण लगाए जाएंगे। अस्पताल की क्षमता 30 से 60 बेड की गई है। इन सुविधाओं से सुरक्षित प्रसव बढ़ेंगे और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी, जिससे जच्चा-बच्चा को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलेगी।
 
आधी आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा संभालने वाले जिला महिला चिकित्सालय को आधुनिक संसाधनों से लैस किया जाएगा। यहां स्वास्थ्य सेवाओं को अपग्रेड करने के लिए शासन से एक करोड़ 52 लाख 42 हजार रुपये का बजट जारी किया गया है।इस बजट से अस्पताल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) आधारित अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई जाएंगी। साथ ही ऑपरेशन के मामलों में सुरक्षित बेहोशी देने के लिए निश्चेत वर्क स्टेशन एवं आवश्यक उपकरण लगाए जाएंगे। ऑपरेशन थिएटर को भी आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा। चिकित्सीय सेवाएं बेहतर होने से सुरक्षित प्रसव का ग्राफ बढ़ेगा और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी।जनपद सृजन को 28 वर्ष बीतने के बाद भी महारानी इंद्र कुंवरि जिला महिला चिकित्सालय में मानव संसाधन व सुविधाएं सामुदायिक स्वास्थ्य स्तर की है।
 
नीति आयोग के आकांक्षात्मक जनपद में शामिल होने के बाद धीरे-धीरे यहां की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होना शुरू हुआ।इसी का परिणाम रहा कि अस्पताल को कायाकल्प अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। बीते वर्ष तक यह अस्पताल 30 वार्डों का था, जिसे परिसर में बने नवीन भवन में उच्चीकृत कर 60 बेडों का किया गया। साथ ही सिक न्यू बार्न केयर यूनिट को भी नवीन भवन में शिफ्ट कर विस्तार किया गया।चिकित्सीय सेवाओं की गुणवत्ता का परिणाम रहा कि शासन ने एक करोड़ 52 लाख 42 हजार रुपये का बजट जारी किया है। इससे अस्पताल को आधुनिक संसाधनों से लैस किया जाएगा, जिसका लाभ जच्चा-बच्चा को मिलेगा।
 
इन संसासधनों की होगी उपलब्धता
जिला महिला अस्पताल को आधुनिक मशीनों व उपकरणों से लैस किया जाएगा। वर्तमानमें 18 ड्रेसिंग टेबल, 15 स्ट्रेचर, परीक्षण मेज, 10 इमरजेंसी ड्रग कैबिनेट ट्रॉली समेत अन्य उपकरण खरीदे जा रहे हैं। इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर का विस्तार किया जा रहा है, जो मुख्य वार्ड के पीछे नए भवन में स्थानांतरित की जाएगी।नई ओटी में दो मरीजों को रखा जा सकेगा। आपरेशन के बाद कुछ समय तक उनको चिकित्सीय निगरानी में रखा जा सकेगा। साथ ही एआई आधारित अल्ट्रासाउंड मशीन से जांच की सुविधा मिलेगी। लेबर रूम का विस्तार होने से चिकित्सकों को प्रसव कराने में सहूलियत मिलेगी।अल्ट्रासाउंड मशीन समेत अन्य उपकरणों के खरीद की प्रक्रिया चल रही है। संसाधन विस्तार होने से अधिकाधिक मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। सुरक्षित प्रसव से मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ।

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