नवीनतम
फीचर्ड
राजनीति
भारत
IAS Success Story: राजस्थान की बेटी 22 साल की उम्र में बनीं IAS अफसर, पहले ही प्रयास में हासिल की 73वीं रैंक
IAS Success Story: बीते कुछ वर्षों में राजस्थान ने देश को कई प्रतिभाशाली IAS और IPS अधिकारी दिए हैं। इसी कड़ी में एक और नाम जुड़ गया है IAS कृष्णा जोशी का, जिन्होंने बेहद कम उम्र में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जोधपुर की रहने वाली कृष्णा जोशी ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर पहले ही प्रयास में UPSC CSE 2023 में 73वीं रैंक हासिल की और आज वे बिहार कैडर की आईएएस अधिकारी हैं।
पिता वकील, बेटी ने चुनी सिविल सेवा की राह
IAS कृष्णा जोशी का जन्म 08 अक्टूबर 2001 को राजस्थान के जोधपुर में हुआ। वे एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता पेशे से वकील हैं, जिन्होंने शुरू से ही उन्हें सिविल सेवा में जाने के लिए प्रेरित किया।
महज 22 साल की उम्र में आईएएस बनना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। कृष्णा की सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और निरंतर मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
Read More IAS Success Story: सोशल मीडिया से 3 साल की दूरी, चौथे प्रयास में नेहा ब्याडवाल बनीं IAS अफसरKrishna Joshi Education: जोधपुर से दिल्ली तक का सफर
Read More IAS Success Story: बिना कोचिंग के IAS अफसर बनीं सोनिया मीणा, अब खनन माफियाओं के लिए बन चुकी कालकृष्णा जोशी की शुरुआती शिक्षा से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई जोधपुर से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज (LSR) से अंग्रेजी विषय में ग्रेजुएशन किया।
ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने बिना समय गंवाए यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी और सीमित उम्र में ही देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को पास कर दिखाया।
पहले ही प्रयास में UPSC पास
UPSC CSE 2023 में पहले प्रयास में 73वीं रैंक हासिल करना सिर्फ एक परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, धैर्य और कड़ी मेहनत की जीत है।
कृष्णा जोशी का सफर उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। अनगिनत घंटों की पढ़ाई, असफलता का डर और समाज की अपेक्षाओं के बीच उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनका मानना है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता जरूर मिलती है।
Bihar Cadre IAS: नालंदा में मिली पहली बड़ी जिम्मेदारी
आईएएस बनने के बाद कृष्णा जोशी को बिहार कैडर मिला। वर्ष 2025 में उन्हें बिहार के नालंदा जिले में सहायक कलेक्टर के पद पर तैनाती दी गई।
कम उम्र में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालते हुए वे न सिर्फ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही हैं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोल मॉडल भी बन चुकी हैं।
About The Author
imskarwasra@gmail.com
संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l

Comments