समाज को सही आइना दिखाएँ लेखक: प्रख्यात कवि–उपन्यासकार प्रो. विकास शर्मा ने समकालीन साहित्य पर डाला प्रकाश।

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के लखनऊ विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज़्म स्टडीज़ (आईटीएस) में “मीट द ऑथर” शीर्षक से एक अत्यंत रोचक साहित्यिक आयोजन सम्पन्न हुआ, जिसमें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के अंग्रेज़ी विभाग के प्रख्यात कवि, उपन्यासकार एवं विद्वान प्रो. विकास शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। समकालीन साहित्य पर केन्द्रित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और साहित्य–प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह आयोजन डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव, निदेशक, इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज़्म स्टडीज़ के गतिशील निर्देशन में तथा डॉ. पवन शुक्ल, समन्वयक, एसोसिएशन ऑफ इंग्लिश टीचर्स, लखनऊ के सफल संचालन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने इसकी गरिमा में और वृद्धि की। सार्थी फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष श्री संजय डेविड ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि डॉ. मनोज पाण्डेय, अध्यक्ष, LUACTA (लखनऊ यूनिवर्सिटी एसोसिएटेड कॉलेजेज़ टीचर्स एसोसिएशन) की उपस्थिति ने इस साहित्यिक समारोह को और अधिक सार्थक बनाया।
 
मुख्य वक्तव्य देते हुए प्रो. विकास शर्मा ने समकालीन साहित्य में उभरते रुझानों, नए कथ्य–शिल्प, बदलते सांस्कृतिक दृष्टिकोणों तथा साहित्य की सामाजिक–मनोवैज्ञानिक वास्तविकताओं को समझने में निभाई जाने वाली भूमिका पर विस्तृत चर्चा की। उनकी संवादधर्मी शैली और गहन साहित्यिक विश्लेषण ने श्रोताओं को अत्यंत प्रभावित किया। अपने स्वागत उद्बोधन में डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव ने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों में साहित्यिक संवेदनशीलता विकसित करने हेतु महत्वपूर्ण बताया तथा एसोसिएशन ऑफ इंग्लिश टीचर्स के सक्रिय योगदान की प्रशंसा की।
 
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. पवन शुक्ल ने कहा कि लेखक–पाठक संवाद से विद्यार्थियों को साहित्य को रचनाकार की दृष्टि से समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन तथा उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉ. मनोज पाण्डेय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि साहित्यिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। अंत में हुए संवाद–सत्र में विद्यार्थियों ने समकालीन कथा–साहित्य, आलोचना और उभरती लेखकीय आवाज़ों पर प्रश्न पूछे, जिनका प्रो. शर्मा ने अत्यंत विचारोत्तेजक उत्तर दिया। समग्र रूप से “मीट द ऑथर” कार्यक्रम लखनऊ विश्वविद्यालय का एक यादगार साहित्यिक आयोजन सिद्ध हुआ, जिसने सभी उपस्थित लोगों को एक ज्ञानवर्धक, प्रेरक और आनंददायी अनुभव प्रदान किया।

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