क्या जांच तक ही सीमित रहेगा स्वास्थ्य विभाग में हुआ 100 करोड़ का घोटाला
जिलाधिकारी ने 100 करोड़ घोटाले की की थी पुष्टि शासन को भेजी थी रिपोर्ट
शाहजहांपुर
पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना शाहजहांपुर जनपद का स्वास्थ्य विभाग और विभाग में हुए घोटाली की चर्चा अब क्या फाइलों में दफन हो जाएगी इसकी चर्चा अब शाहजहांपुर जनपद में जोर-जोर से हो रही है शाहजहांपुर जनपद में मुख्य विकास अधिकारी अपराजिता सिंह और जिला अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह द्वारा की गई जांच में करीब 100 करोड रुपए घोटाले का मामला सामने आया था l
जिसमें जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने खुद मीडिया के सामने आकर स्वास्थ्य विभाग में लगभग 100 करोड रुपए घोटाले की पुष्टि की थी और इसकी जांच रिपोर्ट भी शासन को भेज दी थी लेकिन इस जांच को हुए करीब एक माह बीत चुका है लेकिन अभी तक विभाग के किसी अधिकारी या कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है यहां तक एक माह बीत जाने के बावजूद कार्रवाई न होने के कारण अब जनपद में चर्चा शुरू हो गई है l
क्या स्वास्थ्य विभाग में हुए 100 करोड रुपए का मामला फाइलों में दफन हो जाएगा या फिर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कार्रवाई भी होगी फिलहाल स्वास्थ्य विभाग में ही नहीं इस समय जनपद के कृषि विभाग में भी एक बड़े घोटाले की चर्चा हो रही जिसमें कृषि विभाग के पंकज बाबू ने नकली खाद बीज बेचकर किसानों से खूब लूट की है और इस मामले में सत्ताधारी एक विधायक की पत्नी का भी नाम सामने आया बताया गया कि कृषि विभाग के बाबू ने जिस फर्म से किसानों को नकली खाद बीज बेचकर घोटाला किया है l
उस कंपनी में विधायक की पत्नी भी शामिल है बड़े-बड़े चैनलों पर यह खबर सुर्खियों में रही लेकिन अभी तक इस मामले में भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है जिसके चलते अब इन घोटालों पर सवालिया निशान भी उठ रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग के जांच रिपोर्ट में आरोपी अपनी अपनी सीट पर आज भी विराजमान है और दबी जुबान कह रहे हैं शाहजहांपुर जनपद में जिस घोटाले की बात हो रही है l
अगर पूरे उत्तर प्रदेश में जांच की जाए तो वैसा घोटाला पूरे उत्तर प्रदेश में हुआ है मतलब साफ है जांच के दौरान अपनी-अपनी सीट पर जमे अधिकारी और जिम्मेदार कर्मचारियों जांच को प्रभावित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के घोटाले के आरोपी अपने आप को बचाने के लिए नीचे से ऊपर तक चक्कर लगाकर अपना पल्ला झाड़ने में जुटे हुए हैं l

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