हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के गीत, संगीत, नाटक, नृत्य एवं कवियों की काॅकटेल ने समां बांधा

हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के गीत, संगीत, नाटक, नृत्य एवं कवियों की काॅकटेल ने समां बांधा

स्वतंत्र प्रभात। एसडी सेठी हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के बैनर तले श्रुति नाट्य शैली में   मालविका जोशी द्वारा रचित कविताओं पर स्वयं और पति सच्चिदानंद जोशी द्वारा श्रुती नाट्य शैली में  ' यूं ही साथ-साथ चलते'  की प्रस्तुती ने नई दिल्ली स्थित मुक्तिबोध सभागार में उपस्थित दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। डेढ घंटे तक लगातार चले नाटक ने दर्शकों को बांध कर रखा।  इस मौके पर हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के अध्यक्ष सुधाकर पाठक ने बताया कि डाॅ. सच्चिदानंद जोशी एक शिक्षाविद,के साथ-साथ पत्रकार, लेखक,कुशल वक्ता के अलावा मशहूर रंगकर्मी भी है।

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पाठक ने बताया कि वह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य सचिव भी है। इनकी धर्म पत्नी मालविका जोशी भी शिक्षाविद,रंगकर्मी,  लेखिका,कथाकार वक्ता समेत बहु व्यक्तित्व की धनी है। अब तक वह इस नाटक का मंचन कई बार कर चुके हैं। इस अवसर पर केंदीय  शिक्षण मंडल के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल शर्मा जोशी, श्रीराम काॅलेज आफ  प्रोफेशनल स्टडीज के प्रो. रवि शर्मा, राजभाषा विभाग गृह मंत्रालय,संपादक डाॅ. धनेश  द्विवेदी,डाॅ. पवन विजय ,किशोर श्रीवास्तव,सुनीता अग्रवाल, एवं अजय मनचंदा भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

IMG-20240415-WA0046उल्लेखनीय है  कि दर्शकों की रूची के मद्देनजर कार्यक्रम में अघोषित दो चरणों को ओर जोड दिया गया। अगले चरण में हंसराज काॅलेज की श्रावी शर्मा समेत अन्य छात्राओं ने बनारस, और ,लखनऊ घराने से जुडी विभिन्न शास्त्रीय कलाओं में शिव तांडव ,होली एवं वर्षा रितु से सराबोर बेहतरीन नृत्य की प्रस्तुती से दर्शको का दिल जीत लिया।मंच संचालन सोनिया अरोडा ने किया।  तीसरे और अंतिम चरण में कविता पाठ का आयोजन वरिष्ठ लेखक,  हास्य कवि विनोद पाराशर के संचालन में किया गया। कवियों की फेहरिस्त में प्रो.रवि शर्मा,मधुप,राजवरत आर्य, किशोर, कविता मल्होत्रा, संजय गिरी,मनोज कामदेव, विनोद पराशर, समेत संतोष संप्रति  द्वारा काव्यपाठ किया गया। बाद में  हिंदुस्तानी भाषा अकादमी की ओर से सभी प्रतिभागियों को शाॅल उढाकर सम्मानित किया गया।

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