व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण कार्य पूरा न करना आम बात इस तरह तो आवास निर्माण में भी होता है  : खंड विकास अधिकारी मृत्युंजय यादव

रुपईडीह ब्लॉक के 106 ग्राम पंचायत में कागजों में  पंचायतों को ओडीएफ सहित ओडीएफ प्लस घोषित कर दिया गया लेकिन आज भी ग्रामीण खुलें में शौच के लिए विवश 

व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण कार्य पूरा न करना आम बात इस तरह तो आवास निर्माण में भी होता है  : खंड विकास अधिकारी मृत्युंजय यादव

गोण्डा। व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण पूरा न करना आम बात है ऐसा जिम्मेदार अधिकारियों का ब्यान दिए जा रहे हैं जिससे साबित होता है कि कागजों में ग्राम पंचायतों को ओडीएफ सहित ओडीएफ प्लस घोषित कर दिया गया लेकिन आज भी ग्रामीण खुलें में शौच के लिए विवश हो रहें हैं।स्वच्छ भारत मिशन को साकार करने का वीणा 2 अक्टूबर 2014 को केंद्र सरकार के द्वारा संकल्प लिया गया। इस योजना के अंतर्गत अक्टूबर 2019 तक सभी गांव को खुले में शौच मुक्त किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था,
 
लेकिन लक्ष्य के आंकड़ों के मुताबिक विकासखंड रुपईडीह के अंतर्गत आने वाले 106 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष लगभग 8ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस घोषित किया जा चुका है, शेष ओडीएफ लेकिन इन 106ग्राम पंचायतों में आज भी आधे अधूरे शौचालयो के निर्माण देखने को मिल रहे हैं। वहीं राज्य सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रति लाभार्थी को शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रूपये अनुदान देकर खुले में शौच मुक्त करने का बीड़ा उठाया था, लेकिन विभाग के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के उदासीनता के चलते शौचालयों का निर्माण पूरा नहीं किया जा सका।
 
वहीं विभागीय अधिकारियों ने वाहवाही के लिए अपनी पीठ थपथपाते हुए ओडीएफ तथा ओडीएफ प्लस घोषित कर चुके, लेकिन विभाग के द्वारा रुपईडीह ब्लाक को2019मे 28289 शौचालयों के निमार्ण कराने का दायित्व मिला था,इसी प्रकार प्रत्येक वर्ष भी व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए लाभार्थियों को अनुदान दिया गया। वर्ष 2023-24मे 2354 व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के सापेक्ष 361लाभार्थियो को 12हजार रूपये प्रति लाभार्थी को अनुदान राशि दिया गया  तथा 2295लाभार्थियो को प्रथम किस्त की छ: हजार रूपये धनराशि अवमुक्त किया गया।
 
सूत्रों ने बताया कि लाभार्थियों के द्वारा पूर्ण अनुदान राशि प्राप्त करने के बाद भी शौचालय निर्माण नहीं कराया गया हैं।लेकिन विभागीय जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा वित्तीय वर्षों सहित शौचालयों को पूर्ण दिखाया गया लेकिन धरातलीय जांच करने पर इन सारे आंकड़ों की पोल खोलते हुए नजर आ रहे हैं। विकासखंड रुपईडीह को स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2019 में ओडीएफ घोषित कराने के लिए विभाग के द्वारा 33 करोड़ 94 लाख 68000 रुपए अनुदान दिए गए थे, लेकिन विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के उदासीनता के चलते सरकार के द्वारा चलाई गई सारी योजनाओं पर पानी फेरते हुए नजर आ रहे हैं।
 
जिसका जीता जागता उदाहरण ब्लाक मुख्यालय पर बना प्रसव कक्ष के बगल शौचालय से लगाया जा सकता है, जहां पर आज तक न सीट रखी गई न दरवाजे ही लगाए गए बल्कि बांस बल्लियों लगा कर बंद कर दिया गया ऐसी स्थिति में गर्भवती महिलाओं व तीमारदारो को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी मृत्युंजय यादव ने बताया  कि कुछ लाभार्थियों के द्वारा शौचालय निर्माण नहीं कराया गया है यह तो  आम बात है ऐसा होता है कि किसी कारण वश  निर्माण न कराया  होगा इस तरह से आवास में भी होता रहता है कि किसी कारण बस लाभार्थी द्वारा निर्माण नहीं कराया गया।

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