ये जो पैसे का शुरूर है डूड़ा विभाग में  हो रहे घोटाले का कसूर है।

अगर सर्वेयर नितेश व कर्मचारी महेश जिम्मेदार तो पी०ओ० साहेब डूड़ा कितने पाक कितने साफ

ये जो पैसे का शुरूर है डूड़ा विभाग में  हो रहे घोटाले का कसूर है।

स्वतंत्र प्रभात 
लखीमपुर खीरी भले ही जनपद के जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह गरीबों को आवास व अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ मिले इसके लिए अन्य अधिकारियों को दिशा निर्देश देते रहते हैं। और समय-समय पर विभागीय अधिकारियों की मीटिंग कर लाभार्थियों तक शासन की सुविधा का सीधे-सीधे लाभ मिले इसका भरसक प्रयास करते देखे जा सकते हैं मगर इसके उलट नगरी अभिकरण विभाग के जिम्मेदार परियोजना अधिकारी अजय कुमार सिंह व डूडा के कर्मचारीयो पर डीएम साहब के आदेशों का असर होता नहीं दिखाई पड़ रहा है बल्कि शहरी आवास योजना जिम्मेदारों की ऊपरी कमाई का जरिया बनी देखी जा सकती हैं।
 
फिर चाहे गाइडलाइन का  गला घोटते यूएलबी के बाहर ग्राम सभा में आवास दिए जाने हो या फिर विभाग में तैनात अरीनेम कंपनी के सर्वेयर  साधन संपन्नआशीष त्रिवेदी के परिवार में चार चार आवास दिए जानें का मामला ही क्यूं ना हो 
 
अगर कोई मजदूरी पैसा व्यक्ति आवास आवेदन करता है तो उसे सर्वेयर 50000 रुपए की डिमांड कर देते हैं। अगर इन जनाबों को पैसा मिल जाए तो यह आपात्रों को भी रेवाड़ी की तरह  आवास योजना का लाभ देते नजर आ रहे हैं अन्यथा पैसा ना  मिलने पर पात्र मजदूरी पैसा गरीब लाभार्थियों को अपात्र कर उसका नाम कटवा देते हैं। ऐसा लोगों का आरोप है। और  ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है।
 
01.........मोहल्ला हाथीपुर निवासी कुलसुम पत्नी चांद ने जिलाधिकारी कार्यालय मे पेश होकर लिखित शिकायत कर आवास के नाम पर ₹50000 मांगे जाने का आरोप सर्वेयर नितेश व महेश पर लगाया है। परंतु शिकायत के लगभग एक सप्ताह बाद भी आज तक ना इस गंभीर  मामले की  जांच हुई ना ही इन पर हुई कोई कार्यवाही।
 
 सीएलटीसी दिवाकर से जब इस मामले पर जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है और यह बताते हुए अपना पल्ला झाड़ते नजर आए  सी एल टी सी डूडा का यह कथन विभाग में उनकी निष्क्रियता बतलाने को काफी है।
 

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