तालाब में कूदी युवती: दुकानदारों ने बचाई जान, बोली- नशे की गोलियां खिला भाई करता है दुष्कर्म, इसलिए उठाया कदम

तालाब में कूदी युवती: दुकानदारों ने बचाई जान, बोली- नशे की गोलियां खिला भाई करता है दुष्कर्म, इसलिए उठाया कदम

 
पीलीभीत में बुधवार दोपहर के वक्त एक युवती ने तालाब में छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की। दुकानदारों ने उसे बचाया। युवती ने अपने भाई पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं, वहीं मां ने युवती को मानसिक बीमार बताया। मोहल्ले में रहने वाली युवती ने बुधवार की दोपहर गौहनिया चौराहे के पास तालाब में छलांग लगा दी। वहां मौजूद दुकानदारों ने युवती को तालाब से बाहर निकाला। सूचना पुलिस को दी गई।
 
युवती ने अपने ही भाई पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। घर न जाने की जिद पर अड़ी रही। वहीं, युवती की मां ने उसे मानसिक रूप से बीमार बताया। मौके पर पहुंची डायल 112 और बनकटी चौकी ने मामले को टरका दिया।
सुनगढ़ी क्षेत्र के एक मोहल्ले की 23 वर्षीय युवती ने बुधवार की दोपहर करीब 1:30 गौहनिया चौराहे के पास तालाब में छलांग लगा दी। मूंगफली बेच रहे दुकानदार और राहगीरों ने युवती को तालाब से बाहर निकाला। राहगीर जमा हो गए। सूचना मिलते ही युवती की मां पहुंची। आत्महत्या की वजह पूछी गई तो युवती ने अपने भाई पर दुष्कर्म का आरोप लगाया।
 
पिता की हो चुकी है मौत 
उसने बताया कि उसके पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। आरोप है कि मां कई वर्षों से उस पर ध्यान नहीं देती। भाई उसे नशे की गोलियां खिलाकर दुष्कर्म करता है। आपबीती बताने पर कोई भी उसका विश्वास नहीं करता। आरोप है कि बुधवार को भी भाई ने दुष्कर्म का प्रयास किया। आहत होकर उसने आत्महत्या की कोशिश की। युवती की मां कहना था कि युवती की मानसिक हालत ठीक नहीं है।
 
इलाज कराया जा रहा है। घटना की सूचना पर पहुंची डायल 112 और चौकी पुलिस ने युवती और उसकी मां से जानकारी ली। पुलिस के सामने भी युवती ने दुष्कर्म की बात दोहराई, लेकिन पुलिस ने उसकी बात को अनसुना कर दिया। सिविल लाइन चौकी प्रभारी ने मामले को टरकाते हुए कहा कि युवती को पीआरवी के हवाले कर दो। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। बाद में पुलिस ने युवती को मां के साथ भेज दिया और मामले को टरका दिया।
 
युवती बोली- एक बार बचा लिया, बार-बार तो नहीं बचाओगी
पुलिस ने युवती को उसकी मां के साथ ई-रिक्शा से भेज दिया। ई-रिक्शे पर बैठते समय युवती का कहना था कि एक बार बचा लिया। बार-बार तो नहीं बचा पाओगी। युवती की हालत ठीक नहीं थी, वह लगातार रोए जा रही थी। मां के साथ न जाने की जिद भी की, लेकिन पुलिस ने उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया।

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