शो पीस बनकर रह गए वृहद गौशाला

.....साल भर पहले बनी वृहद गौशालाओं में आज भी लटक रहा ताला 

शो पीस बनकर रह गए वृहद गौशाला

मलिहाबाद,लखनऊ। मलिहाबाद विकासखंड में बनाई गई वृहद गौशालाओं को बनाने के नाम पर जमकर धांधली की गई है। ग्रामीणों ने इसका विरोध जताते हुए सरकार से इसकी जांच करा कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग की है। साल भर पहले बनी वृहद गौशालाओं में आज भी ताला लटक रहा है। गौशालाओं की कमी के कारण आवारा गोवंश किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे हैं। इधर जिम्मेदार गौशालाओं को बनाए जाने में जमकर धांधली कर रहे हैं। मलिहाबाद विकासखंड के सहिजना पंचायत के जालामऊ गांव के निकट बने पावर हाउस के पास वन विभाग के जंगल के पास पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा वृहद गौशाला का निर्माण कराया गया है। यह गौशाला एक वर्ष पूर्व बनकर तैयार की जा चुकी है।
 
लेकिन इस पर अभी तक ताला लटक रहा है। इसके अलावा विकासखंड के ही महदोईया पंचायत में भी बृहद गौशाला का पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा निर्माण कराया गया है। यह दोनों गौशालाएं आज भी संचालित नहीं हो सकी है। खंड विकास अधिकारी मलिहाबाद ने बताया कि खामियों के कारण इन गौशालाओं को शुरू नहीं कराया जा सकता है। पत्र लिखकर कमियों को दूर करने के लिए कहा गया है। जैसे ही कमियां दूर हो जाएगी गौशालाएं संचालित होना शुरू हो जाएंगी।
 
वही ग्राम प्रधान अशोक कनौजिया ने बताया कि गौशाला के लिए जमीन भी प्रस्तावित हो गई और वह बनकर तैयार भी हो गई लेकिन उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। किसने बनाया कैसे बनी आज तक उन्हें नहीं पता है। उन्होंने बताया कि जहां गौशाला बनाई गई है वहां जाने के लिए रास्ता ही नहीं है। चारों तरफ वन विभाग का जंगल है और दूसरी तरफ किसानों के खेत हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बनाई गई यह गौशालाएं प्रति गौशाला 1 करोड़ 20 लाख के खर्चे पर बनकर तैयार हुई है। इन गौशालाओं में पांच सेड तैयार किए गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर इन गौशालाओं में करोड़ों रुपए खर्च होते तो क्षेत्र में जो आवारा गोवंश किसानो की फसल बर्बाद कर रहे हैं उनसे निजात मिल जाती और गोवंशों की देखरेख भी अच्छी तरह से इन गौशालाओं में की जा सकती थी।
 
ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों खर्च के नाम पर इन गौशालाओं को बनाने के लिए जमकर धांधली की गई है जिसकी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए। वही जानकारी के मुताबिक इन गौशालाओं को जिन जिम्मेदारों ने बनाकर तैयार किया है वह हाई प्रोफाइल के लोगों से संबंधित अधिकारियों पर इन्हें अपने अंडर में लेकर शुरू करने के लिए दबाव बनवा रहे हैं  अधिकारियों ने कमियों को दूर करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि जब कमियां दूर होंगी तभी गौशालाओं को संचालित किया जाएगा।

About The Author

Post Comment

Comment List

आपका शहर

अंतर्राष्ट्रीय

Online Channel