खजनी क्षेत्र गिदहा में भूमि विवाद के भौतिक सत्यापन में पहुंचे एडीएम एफआर बिनीत कुमार
विवादित भूमि पर भौतिक पैमाइड, फरियादी असन्तुष्ट, निजी भूमि पर खड़ंजा लगाने का था आरोप
ब्यूरो/शत्रुघ्न मणि त्रिपाठी
गोरखपुर ।
उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद क्षेत्र रुद्रपुर कोतवाली में जमीनी विवाद पर हुए नरसंहार से बाद अब कोई जिला जमीनी मामले में जोखिम उठाने के पक्ष में नही है ,उत्तर प्रदेश सरकार के कड़े रुख को देख प्रशासन छुट्टियों मे भी जमीनी निस्तारण में जिले से अधिकारी गांव में जा रहे है।
इसी क्रम में आज रविवार को गोरखपुर जनपद के खजनी तहसील क्षेत्र ग्राम सभा गिदहा मे जमीनी विवाद को देख गिदहा गांव में एडीएम एफआर विवादित भूमि के भौतिक पैमाइस में पहुंचे ,स्थानीय तहसील प्रशासन के जांच से असन्तुष्ट पीड़ित कृषक जिलाधिकारी व कमिश्नर से गुहार लगाया था ,
जिनके आदेश पर एडीएम एफआर गिदहा पहुँचे ,भौतिक पैमाइस के बाद शिकायतकर्ता के रकबा पूर्ण होने की बात कही, और विवादित खड़ंजे को 6 कड़ी बढाने का आदेश दे दिए , जिनके भौतिक पैमाइस से शिकायतकर्ता सन्तुष्ट नही हुआ।
मामला खजनी क्षेत्र गिदहा का है, जहां सोमनाथ का निजी भूमि है, जिसपर प्रधान प्रतिनिधि के नेतृत्व खड़ंजा लगा दिया गया । इसी वजह से कई दिनों से विवाद चल रहा था । आयुक्त के आदेश पर एडीएम एफआर बिनीत कुमार सिंह व एसडीएम खजनी राजू कुमार कानूनगो लेखपाल टीम के साथ मौके पर गए ,और भैतिक पैमाइस किया ,
जिसमे मौके पर सोमनाथ की जमीन का रकबा 49 ,05 एयर पाया गया, मौके पर पौने दो एयर भूमि कम था , जो पश्चिम खड़ंजे में चला गया , उसके बाद 6 कड़ी जमीन पूरब की ओर से निकाल दिया गया। और विविदत खड़ंजा पूर्ण करवा कर मिट्टी डालने का कार्य शुरू कर दिया गया ।जिसको लेकर पीड़ित कृषक सोमनाथ पैमाइस के फैसले से सहमत नही हुआ ,शिकायतकर्ता ने बताया मेरी मेरी पौने दो एयर भूमि हमारे गाटे से काट कर पश्चिम तरफ से जोड़ कर सड़क बनाने का निर्देश दे दिए ,मेरा 49 ,5 एयर जमीन पूर्ण नही हुआ। हम गरीब को न्याय नही मिला है ।
उक्त मामले पर एडीएम एफआर बिनीत कुमार सिंह ने बताया चारो तरह से भौतिक सत्यापन करके शिकायतकर्ता का हिस्सा देकर विवाद खत्म किया गया है । जनहित को देख विवाद खत्म किया गया है ।

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