विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय परिसर उन्नाव में मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय परिसर उन्नाव में मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

अर्जुन सिंह अपर मुख्य अधिकारी मनोरोग चिकित्सक डॉ विकास दीक्षित उपस्थित रहे।


स्वतंत्र प्रभात 

उन्नाव।विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय परिसर उन्नाव में मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।जिला जज हरवीर सिंह ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सत्यप्रकाश सीएमएस डॉ पवन कुमार डॉ अंजू दुबे डॉ धीर सिंह निश्चेतक नोडल अधिकारी डॉ अर्जुन सिंह अपर मुख्य अधिकारी मनोरोग चिकित्सक डॉ विकास दीक्षित उपस्थित रहे।

जिला जज ने शिविर में उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है और स्वस्थ मस्तिष्क से ही मानसिक संतुलन की दशा निर्धारित होती है।इसलिए व्यक्ति को प्रसन्न चित्त रहना चाहिए।लोगों को सकारात्मक सोच के साथ कार्य करना चाहिए।उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय में संचालित मानसिक स्वास्थ्य इकाई में उपलब्ध मनोरोग चिकित्सा से संबंधित सेवाओं तथा आज  आयोजित शिविर में मानसिक समस्या से संबंधित जानकारी उपचार व परामर्श सेवा का लाभ उठाएं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सत्य प्रकाश ने बताया कि प्रतिवर्ष 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है परंतु इस बार 8 अक्टूबर को यह दिवस मनाया जा रहा है।दिनांक 4 से 10 अक्टूबर तक मानसिक जागरूकता सप्ताह चलाया जा रहा है।उन्होंने बताया कि मानसिक जागरूकता जांच व परामर्श की सेवाएं जिला चिकित्सालय के मानसिक स्वास्थ्य इकाई तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शिविर लगाकर व स्कूल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम चलाया जा रहा है।मनोरोग विशेषज्ञ डॉ विकास दीक्षित ने मानसिक रोग के लक्षण व उपचार के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि

 जीवन में निराशा आत्महत्या की प्रवृत्ति नींद ना आना तनाव उलझन घबराहट व्यवहार में चिड़चिड़ापन मिर्गी या बेहोसी आना बेवजह शक संदेह करना किसी भूत प्रेत जिन्न देवी देवता की छाया का भ्रम होना बुढ़ापे में याददाश्त की कमी किसी प्रकार का नशा जैसे शराब गांजा भांग चरस आदि का सेवन करना आदि मानसिक रोग के लक्षण हो सकते हैं।ऐसे लक्षण वाले व्यक्ति को मानसिक स्वास्थ्य काई में आकर जांच व उपचार कराना चाहिए।

उपचार से मानसिक रोग ठीक हो जाता है।मानसिक स्वास्थ शिविर में 164 लोगों ने पंजीकरण कराकर जांच कराई जिसमें 68 मानसिक विकार से ग्रसित रोगी पाए गए।जिन्हें दवा दी गई।शिविर में 19 मानसिक दिव्यांग व्यक्तियों का प्रमाण पत्र बनाया गया।जिला जज ने शिविर का निरीक्षण किया तथा मानसिक दिव्यांग प्रमाण पत्र वितरित किया।


मानसिक दिव्यांग प्रमाण पत्र कुलदीप ग्राम मैना ब्लाक सिकंदरपुर करण अरविंद प्रताप सिंह मैनपुर सुमेरपुर आशीष कुमार सिंह बीघापुर अनुपम देवी एबी नगर उन्नाव प्रतिभा देवी जैतिपुर नवाबगंज अमित कुमार सोहनपुर राकेश प्रसाद मुजफ्फरपुर मियागंज खुशी आटा बंथर ब्लाक सिकंदरपुर करण रोशनी अनुपम सिंह ग्राम समद ब्लाक औरास तथा अल्पना अवस्थी अवस्थी खेड़ा का मानसिक दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन अशोक कुमार शुक्ला ने किया।शिविर काउंटर पर दीपक साहू कोआर्डिनेटर काउंसलर सरस्वती रानी आरती देवी विजय कुमार व्यास अवनींद्र स्टाफ नर्स अविनाश एलटी प्रज्ञा सैनी गोविंद डॉ गौरव यादव ऑडियोलॉजिस्ट सुरेश कुमार पाल सहायक सज्जन दिव्यांग बोर्ड में डॉ विकास दीक्षित मनोरोग चिकित्सक अखिल सक्सेना सहगल आदि ने सेवाएं प्रदान किया।

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